देव गुरु बृहस्पति 12 वर्षों बाद मकर राशि में पहुंचे, जानिये किसे होगा लाभ

rashiparivartan of Jupiter : जानिये कौन बनेगा मालामाल....

आकाश में लगातार हो रहे ग्रहों की चाल व स्थिति परिवर्तन के बीच देवगुरु बृहस्पति 20 नवंबर 2020, शुक्रवार दोपहर को 2 बजकर 55 मिनट पर अपनी स्वयंं की राशि धनु से मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं और वे 6 अप्रैल 2021 तक रहेंगे। कुल मिलाकर 2020 साल के अंत तक गुरु का संचार मकर राशि में ही रहेगा। वहीं जहां शनि पहले से ही मकर राशि में विराजमान हैं, वहीं 20 नवंबर को देवगुरु बृहस्पति भी मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं और 06 अप्रैल 2021 तक शनि और गुरु इसी अवस्‍था में साथ-साथ रहेंगे। मकर राशि में शनि के साथ रहने के चलते मकर राशि में बृहस्पति की चाल आसान नहीं रहने वाली है।

मकर राशि शनि द्वारा शासित है और गुरु मकर राशि में दुर्बल हो जाता है। लेकिन, यहां अच्छी बात यह है कि, गुरु और ग्रह के स्वामी की यह युति गुरु की दुर्बलता को खत्म कर देगी, जो बदले में इस गोचर के बुरे प्रभावों को कम करने में सहायक साबित होगा। गुरु नीच राशि में प्रवेश करना अच्छा नहीं माना जाता। यह वह समय होता है जब जातक को अपने ज्ञान और विवेक पर ही संदेह होता है। गुरु के नीच राशि में गोचर से निर्णय लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इस कारण से ज्योतिषियों द्वारा इस समय को सावधानीपूर्वक बिताने की सलाह दी जाती है। हालांकि इस बार गुरु के नीच राशि में जाने का अलग महत्व है।

दरअसल गुरु और शनि का मकर राशि में होना नीचभंग राजयोग का निर्माण करेगा। ऐसे में गुरु अशुभ फल देने को बजाय उच्च कोटि का शुभ फल प्रदान करने वाले होंगे। गुरु का अपनी नीच राशि में प्रवेश करना और शनि का वहां पहले से ही अपनी राशि में होना एक सुंदर संयोग बन रहा है।

इस संयोग को नीचभंग राजयोग कहा जाता है। गुरु के नीच राशि में प्रवेश करने से और शनि के योग से अशुभ नहीं बल्कि शुभ परिणाम देने वाला राजयोग बन जाएगा। दरअसल शनि का अपनी ही राशि में होना और उसके साथ गुरु का होना नीच भंग राजयोग बना रहा है। बृहस्पति नीच राशि में आने के बाद अनिष्ट फल तो नहीं देगा, लेकिन उसके शुभ प्रभाव में कमी जरूर होगी। ग्रह की यह युक्ति बड़े बदलाव के संकेत दे रही है। लंबे समय से जो लोग प्रमोशन के इंतजार में थे उनको स्थान परिवर्तन मिलने के संकेत मिल सकते हैं। देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर देखने को मिलेगा, साथ ही शिक्षा क्षेत्र में कई तब्दीलियां होंगी। इसके साथ आइटी क्षेत्र में फिर से उछाल आएगा। राजनीति से जुड़े लोगों का जनता सहयोग करती दिखेगी। मौसम में बदलाव के साथ ठंडक बढ़ेगी।

वहीं गुरु और शनि का ऐसा संयोग 60 वर्षों में एक बार ही बनता है। पिछली बार ऐसा संयोग 1960 में हुआ था, तब गुरु और शनि मकर राशि में एक साथ थे, तब देश और विदेश में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला था। ऐेसे में इस बार गुरु और शनि के गोचर से कई तरह के परिवर्तन और समाज में बदलाव देखने को मिलेगा। गुरु मकर राशि में 6 अप्रैल 2021 तक रहेंगे। आने वाले 6 महीने काफी महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

मकर राशि में पहले से ही शनि मौजूद हैं। जो 6 अप्रैल 2021 तक गुरु और शनि मकर राशि में ही रहेंगे। 6 अप्रैल से 13 सितंबर के मध्य गुरु कुंभ राशि में गोचर करेंगे। वहीं 20 जुलाई से वक्री अवस्था में भ्रमण करते हुए पुन: 14 सितंबर को मकर राशि में वापस आ जाएंगे, फिर 20 नवंबर 2021 को यह अगली राशि कुंभ में प्रवेश कर जाएंगे। इस प्रकार एक वर्ष तक वक्री मार्गी अवस्था में गोचर करते हुए जातकों पर सर्वाधिक प्रभाव डालेंगे।

ज्योतिष के जानकारों के अनुसार बृहस्पति स्व राशि धनु की यात्रा खत्म करके मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। किसी भी राशि में बृहस्पति का गोचर लगभग 12 वर्षों में एक बार होता है, इसलिए इसके राशि परिवर्तन को ज्योतिष ग्रंथों में विशेष महत्व दिया गया है। ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी के अनुसार फलित ज्योतिष में अनेकों अप्रत्याशित फल प्रदान करने के लिए विख्यात ग्रह बृहस्पति स्व राशि धनु की यात्रा समाप्त करके 20 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 55 मिनट अपनी राशि से निकलकर मकर राशि में चले जाएंगे।

गुरु के इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, जिसके चलते 12 राशियों में गुरु के राशि परिवर्तन का कुछ पर शुभ, तो कुछ पर अशुभ असर होगा।

गुरु के राशि परिवर्तन से 12 राशियों पर प्रभाव
इस दौरान किस राशि पर होगा क्या असर sffects of Guru Gochar 2020 on you : जानिये यहां...

1. मेष: कर्म क्षेत्र में बहुत अच्छे परिणाम मिलने के साथ ही धन लाभ।

2. वृषभ: नौकरी में व्यापक तौर पर बदलाव का समय, मेहनत से मिलेगी सफलता ।

3. मिथुन: धन की हानि की संभावना के बीच सेहत का ख्याल रखें ।

4. कर्क: लोकप्रियता में इजाफा व स्वास्थ्य में मजबूती के साथ ही दुश्मनों पर मिलेगी विजय और उत्तम धन लाभ।

5. सिंह: खर्चों में बढ़ोतरी,आर्थिक परेशानियां व स्वास्थ्य समस्याएं ।

6. कन्या: प्रेम संबंधों में परेशानियां लेकिन कर्म क्षेत्र में आगे बढ़ने के मिलेंगे मौके साथ ही आमदनी में अच्छी वृद्धि।

7. तुला: कार्यक्षेत्र में जबरदस्त लाभ, धार्मिक यात्राओं के योग के अलावा परिवार में उथल-पुथल ।

8. वृश्चिक: तरक्की के योग, आमदनी में भी बढ़ोतरी लेकिन आलस्य बन सकता है मौक़ों को गंवाने का कारण।

9. धनु: आर्थिक तौर पर यह ग्रह संयोजन आपके लिए फ़ायदेमंद, सुखद समाचार मिलेंगे लेकिन परिवार में कुछ तनाव।

10. मकर: समय परिवर्तन होगा,अचानक से अत्यधिक प्रसिद्धि लेकिन स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।

11. कुंभ: आमदनी में जबरदस्त वृद्धि के अलावा व्यर्थ की भागदौड़ होगी साथ ही प्रेम जीवन के लिए यह समय थोड़ा कष्टकारी रहेगा।

12. मीन: सफलता मिलेगी, धन लाभ होगा साथ ही आपके कॅरियर की दशा और दिशा तय होगी।

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दीपेश तिवारी
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