
चैत्र नवरात्रि से ग्रहों की स्थितियों में बदलाव
इस बार देश में अप्रैल माह से लोकसभा चुनावों की शुरुआत हो रही है। इसके पहले इस बार आकाशीय सत्ता के निर्वाचन भी होंगे। दरअसल, हर साल हिंदू नववर्ष की शुरुआत पर अलग-अलग ग्रह राजा और मंत्री बनते हैं। इस बार भी 9 अप्रैल को हिंदू नववर्ष की शुरुआत के साथ ही आकाशीय सत्ता बदल जाएगा। आने वाले वर्ष में राजा अर्थात राष्ट्रपति मंगल रहेंगे तो प्रधानमंत्री अर्थात मंत्री का दायित्व शनि के पास रहेगा।
विक्रम संवत 2081 की शुरुआत 9 अप्रेल चैत्र नवरात्र के साथ होगी। ज्योतिषियों का कहना है कि इस साल पिंगल नाम का संवत्सर रहेगा। इसके साथ ही कालयुक्त नामक संवत्सर का भी प्रभाव रहेगा। हर साल नवसंवत्सर की शुरुआत में ग्रहीय व्यवस्था के अनुसार निर्धारण होता है। जिस दिन से संवत्सर की शुरुआत होती है, उस दिन का ग्रह पूरे वर्ष के लिए राजा होता है। इस बार मंगलवार से संवत्सर की शुरुआत हो रही है। इसलिए आकाशीय सत्ता का राजा मंगल होगा।
राजा - मंगल
मंत्री - शनि
धनेश - मंगल
दुर्गेश - शनि
रसेस - गुरु
फलेश - शुक्र
मेघेष - शनि
पं. विष्णु राजौरिया के अनुसार शनि मेघेष भी रहेगा, साथ ही मंगल का प्रभाव भी रहेगा। इसलिए मौसम में अनिश्चितता का दौर रहेगा। भीषण गर्मी, अतिवर्षा जैसी स्थिति बनेगी।
Updated on:
01 Apr 2024 12:56 pm
Published on:
21 Mar 2024 01:58 pm
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