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Magh Gupt Navratri 2026: माघ मास की गुप्त नवरात्रि कब से हो रही है शुरू, यहां जानिए तिथि और शुभ मुहूर्त

Magh Gupt Navratri 2026: नवरात्रि का व्रत साल में चार बार रखा जाता है। जिसमें से दो नवरात्रि गुप्त तरीके से रखी जाती है, इसलिए इन्हें गुप्त नवरात्रि कहते हैं। ऐसे में चलिए यहां जानते हैं माघ महीने की गुप्त नवरात्रि कब से शुरू हो रही है। यहां नोट करें सारी तिथि और शुभ मुहूर्त।

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Magh Gupt Navratri 2026

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Magh Gupt Navratri 2026: नवरात्रि का व्रत मां दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित होता है। ये व्रत पूरे नौ दिन रखा जाता है। इन नौ दिनों मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है। नवरात्रि का व्रत रखने से और मां दु्र्गा की उपासना करने से जातक को सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है। एक साल के अंदर चार बार नवरात्रि आती है। एक नवरात्रि शारदीय नवरात्रि और दूसरी चैत्र नवरात्रि होती है। वहीं दो नवरात्रि गुप्त नवरात्रि होती है जो माघ और आषाढ़ के महीने में रखी जाती है। गुप्त नवरात्रि का व्रत खासतौर पर तंत्रा साधना करने वाले लोगों के द्वारा किया जाता है। माघ का पावन महीना चल रहा है। इसी पवित्र महीने में माघ मास की गुप्त नवरात्रि का व्रत रखा जाता है। आइए जानते हैं कब से शुरू होंगे माघ मास के गुप्त नवरात्रि।

माघ गुप्त नवरात्रि की तारीख


हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल इस नवरात्रि की शुरुआत माघ मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इस साल प्रतिपदा तिथि का आरंभ 19 जनवरी को मध्यरात्रि 1 बजकर 21 मिनट से होगा और इसका समापन 20 जनवरी 2026 को मध्यरात्रि को 2 बजकर 14 मिनट पर होगा। ऐसे में माघ मास की गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जनवरी 2026 से होगी।

गुप्त नवरात्रि घटस्थापना शुभ मुहूर्त


माघ महीने की गुप्त नवरात्रि के दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 19 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से लेकर 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में कलश स्थापना करना शुभ होगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहने वाला है। इस मुहूर्त में आप देवी की उपासना कर सकते हैं।

गुप्त नवरात्रि महत्व


शास्त्रों में गुप्त नवरात्रि को बहुत ही खास माना गया है। ये सामान्य नवरात्रि से अलग होती है। गुप्त नवरात्रि के समय में दस महाविधाओं की पूजा की जाती है। ये 10 महाविद्याएं देवी इस तरह से हैं- काली, तारा, छिन्नमस्ता, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी या कमला। गुप्त नवरात्रि के समय में तंत्र साधना करने वाले लोग इन 10 महाविधाओं की विधिपूर्वत साधना करते हैं। इनकी पूजा करने से साधक को तमाम प्रकार की सिधियों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही उनके जीवन में आने वाल सारी विपदाओं का नाश होता है। ये नवरात्रि आत्मशुद्धि के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है।

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