Diwali 2020: दिवाली पर बन रहे इन शुभ योग पर करें पूजा, होगें हर कार्य पूरे

  • इस बार दीवाली (Diwali 2020) का त्योहार 14 नवंबर को शनिवार के दिन मनाया जाएगा
  • इस साल दिवाली पूजन के कई शुभ योग बन रहे हैं

By: Pratibha Tripathi

Updated: 13 Nov 2020, 11:41 AM IST

नई दिल्ली। पूरे देश में धूमधान से मनाया जाने वाला महापर्व दिवाली (Diwali) इस साल 14 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन रोशनी की जगमगाहट के बीच हर घऱों में देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। मान्यता है कि दीपावली यानी कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मां लक्ष्मी जी धरती पर विचरण करती है। और जो लोग पूरी श्रृद्धा भक्ति के साथ इनकी पूजा करते है उनकी हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। इस साल दीवाली पर कई शुभ योग बन रहे है। और इस विशेष मुहूर्त में की जाने वाली पूजा आपके लिए सार्थक सिद्ध हो सकती है।

यदि आप भी इस विशेष मुहूर्त पर मां लक्ष्मी की पूजा करके शुभ फल प्राप्त करना चाहते है तो जानें, इस दिवाली पर पूजा करने के शुभ मुहूर्त (Subh Muhurat) क्या होंगे, जानें यहां.

प्रदोष काल में क्या करें

14 नवंबर 2020, शनिवार के दिन आप प्रदोष काल में मंदिर में दीपदान, के साथ अन्न का दान करें। इस दिन मिठाई खीर गरीबों का बांटना काफी शुभ माना जाता है। घर पर अपने आंगन में रंगोली बनाना ना भूलें। ये सभी कार्य प्रदोष काल में ही किया जाना शुभ माना गया है। इसके साथ ही घर के द्वार पर स्वास्तिक और शुभ-लाभ लिखने भी जरूरी होता है।

प्रदोष काल मुहूर्त- शाम 05.26 बजे से रात 08.08 बजे तक

दीवाली के दिन सुबह उठकर सबसे पहले घर में मौजूद बड़े लोगों का आशीर्वाद लेना काफी जरूरी होता है।

निशीथ काल में क्या करें

14 नवंबर शनिवार के दिन निशीथ काल रात में लगभग 8 बजे से लेकर 11 बजे तक रहेगा। इस काल में धन की देवी लक्ष्मी की पूजा तथा हवन आदि कार्य पूरे कर लेने चाहिए। इसके साथ ही महालक्ष्मी पूजन, महाकाली पूजन, लेखनी कुबेर, पूजन व अन्य मंत्रों का जप भी कर लेना शुभ रहता है।

निशीथ काल मुहूर्त- रात में 08.08 बजे से 10.51 बजे तक

महानिशीथ काल में क्या करें

महानिशीथ काल का मतलब होता है मध्य रात्रि में की जाने वाली पूजा जिसे तात्रिंक लोग इस काल को काफी शुभ घड़ी मानते है। जो लोग शास्त्रों के अनुसार दिवाली पूजन करना चाहते हैं, उन्हें इस समयावधि में पूजा कर लेनी चाहिए. इस काल में मुख्यतौर पर तांत्रिक, ज्योतिर्विद, वेद आरंभ, कर्मकांडी, अघोरी, यंत्र-मंत्र-तंत्र के ज्ञाता अलग-अलग शक्तियों का पूजन करते हैं।

महानिशीथ काल मुहूर्त- रात में 10.51 बजे से 15 नवंबर की रात 02.33 बजे तक

दिवाली पूजन लग्न

वृश्चिक लग्न- सुबह 06.57 बजे से 09.14 बजे तक.

कुंभ लग्न- दोपहर में 01.02 बजे से 02.29 बजे तक

वृष लग्न- शाम को 05.30 बजे से 07.24 बजे तक

सिंह लग्न- रात में 12 बजे से 15 नवंबर की रात 02.17 बजे तक

Pratibha Tripathi
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