देव सेनापति मंगल का अगला राशि परिवर्तन लाएगा बड़ा बदलाव, जानें किन्हें होगा सबसे ज्यादा लाभ

ये गोचर पूरे देश के लिए बेहद खास होगा...

देव सेनापति मंगल ने पिछले दिनों ही वृषभ राशि में प्रवेश किया है, जिसके बाद अब वे मिथुन राशि में अगला परिवर्तन करेंगे। मंगल के इस होने वाले परिवर्तन को ज्योतिष में काफी विशेष माना जा रहा है। यूं तो मंगल को ज्योतिष में क्रूर ग्रह माना गया है।

इसे क्रोध, ऊर्जा, हिंसा, लड़ाई-झगड़े का स्वामी तक कहा गया है, वहीं यदि ये कुंडली में शुभ अवस्था में स्थित हो तो साहस, पराक्रम, शौर्य को प्रदर्शित करता है। मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी माना गया है, और यह मकर में उच्च का और कर्क में नीच का माना जाता है। वहीं इसके कारक देव श्री हनुमान जी माने गए हैं, साथ ही शक्ति की देवी माता दुर्गा का भी इस ग्रह को कृपापात्र माना जाता है।


जानिये कब करेंगे मिथुन में प्रवेश...
दरअसल अब मंगल मिथुन राशि में 13-14 अप्रैल 2021 की दरमियानी रात 1:16 बजे प्रवेश करेंगे। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार मंगल का ये गोचर जहां कुछ चुनिंदा राशियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकता है, वहीं पूरे देश के लिए ये परिवर्तन इस बार बेहद खास होगा, जिसका असर 2022 तक लगातार देखने को मिलता रहेगा।

इसलिए है बेहद खास...
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार इस साल यानि 2021 में जहां एक ओर 13 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि शुरु होने के साथ ही हिंदू कलैंडर का संवत बदल जाएगा। वहीं इस बार नवसंवत्सर 2078 का नाम राक्षस रहेगा। जबकि इस 2078 संवत्सर के राजा और मंत्री दोनों ही मंगल होंगे, ऐसे में 13 अप्रैल 2021 से शुरु होने वाले नवसंवत्सर की ठीक पहली ही रात में मंगल मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे और अपने राजा व मंत्री होने का पद संभालते हुए। अपना प्रभाव दिखाना शुरु कर देंगे।

ज्योतिष में मंगल को भूमि पुत्र माना जाता है वहीं ये पराक्रम के भी कारक ग्रह है। ऐसे में कई ज्योतिष के जानकारों का माना है कि इस पूरे वर्ष यानि नवसंवत्सर 2078 में ये अपना प्रभाव दिखाएंगे जिसके चलते भारत को अपनी दूसरे देशों द्वारा कब्जाई हुई भूमि वापस मिलने के संकेत हैं, वहीं इस दौरान भारतीय सेना के पराक्रम का इस दुनिया में कोई सानी नहीं मिलेगा। लेकिन इसके अलावा मंगल के प्रभाव से देश दुनिया को आगजनी, भूकंप, जनविद्रोह और कुछ जगह रक्तपात जैसी गंभीर स्थितियों से भी दो चार होना पड़ सकता है।

तो आइए जानते हैं मंगल के मिथुन राशि में परिवर्तन से किन राशियों को सबसे ज्यादा लाभ होगा...

1. मेष राशि:
आपकी राशि से मंगल ग्रह का गोचर तृतीय भाव यानि पराक्रम के भाव में होगा। इस दौरान आपके साहस में वृद्धि होगी। आपकी संकल्प शक्ति में इज़ाफा होगा और हर काम को आप सूझबूझ के साथ पूरा करेंगे।

इसके साथ ही नौकरी पेशा और कारोबारी लोग इस दौरान जीवन में आने वाली परेशानियों का डटकर सामना करेंगे और अपने कार्यक्षेत्र में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। यह गोचर आपके विरोधियों को आपके पास टिकने नहीं देगा, और आप उनपर हावी रहेंगे।

उपाय: प्रतिदिन माथे पर केसरिया तिलक लगाएं।


2. वृषभ राशि :
आपकी राशि से द्वितीय भाव यानि धन व वाणी के भाव में पराक्रम के कारक ग्रह मंगल गोचर करेंगे। यह गोचर आर्थिक मामलों के लिए बहुत अच्छा रहने के चलते आप धन संचित करने में सफल रहेंगे। इस राशि के कुछ जातकों की आमदनी में इस दौरान वृद्धि हो सकती है। कारोबारियों को विदेशों से लाभ होगा। व्यवसायिक साझेदारी से फायदा मिलेगा।

लेकिन, इस दौरान अपनी वाणी पर आपको नियंत्रण रखना होगा और इस बात का भी ख्याल रखना होगा कि आप भावनाओं में बहकर किसी को अपशब्द न कहें। बच्चों को गलत संगति से बचाना चाहते हैं तो उनके साथ वक्त बिताएं।

उपाय: तांबे की थाल में चार केले हनुमान मंदिर में चढ़ाएं।

3. मिथुन राशि :
मंगल आपकी ही राशि यानि आपके लग्न भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में इस गोचर का प्रभाव सबसे अधिक आप पर ही पड़ेगा। गोचर के शुरुआत में आपके स्वभाव में परिवर्तन देखने को मिलेगा, इस समय आप पर क्रोध हावी हो सकता है।

ऐसे में आपको कोई भी काम बहुत सोच-समझकर करना होगा। इस समय वाहन चलाते वक्त सावधानी बरतें साथ ही किसी भी तरह की बहसबाजी करने से बचें। इस समयावधि में आमदनी बढ़ाने पर आपका ध्यान रहेगा और स्थितियां आपके अनुकूल न रहीं, तो आप व्यथित भी हो सकते हैं। आप इस गोचर के दौरान धैर्य के साथ काम करें।

उपाय: प्रतिदिन मां लक्ष्मी की आराधना और मंत्र का पाठ करें।

 

4. कर्क राशि :
आपकी राशि से द्वादश भाव यानि व्यय में मंगल का गोचर होगा। यह गोचर आपके लिए बहुत अच्छा नहीं है। इस गोचर के चलते आपको शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आप शारीरिक रुप से जितने सक्रिय रहेंगे, उतना आपके लिए बेहतर रहेगा।

वहीं छात्रों जो विदेशों में जाकर पढ़ना चाहते हैं उन्हें इस दौरान प्रयासों में सफलता मिल सकती है। आर्थिक पक्ष को मजबूत करना चाहते हैं तो अच्छा बजट प्लान करें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य में गिरावट हो सकती है, उनका ख्याल रखें। आप रक्त से जुड़ी परेशानियों और अनिद्रा के शिकार भी हो सकते हैं। उचित होगा हर रोज व्यायाम करें।

उपाय: प्रतिदिन ध्यान लगाएं और शिव जी से संबंधित मंत्र का जाप करें।

5. सिंह राशि :
आपके एकादश भाव यानि आय भाव में मगंल का गोचर होगा। इस गोचर के चलते आपकी सोच सकारात्मक रहेगी और आप उन्नति के पथ पर आप अग्रसर होंगे, साथ ही अपने अंदर ऊर्जा महसूस करेंगे।

कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने के चलते आपके सीनियर आपके काम की इस समय तारीफ़ भी करेंगे। हालांकि लाभ की प्राप्ति आसानी से नहीं होगी ,लेकिन हर मुश्किल परिस्थिति का आप डटकर सामना करेंगे और हानि को भी लाभ में बदलने का आप साहस रखेंगे। इस दौरान आपके विरोधी परास्त होंगे।

यह समय प्रेम जीवन के लिए यह समय ज्यादा अनुकूल नहीं है, जिसके कारण प्रेमी के साथ कहासुनी हो सकती है। लंबी यात्राओं से इस दौरान फायदा होगा। अगर आप प्रॉपर्टी को बेचने का सोच रहे हैं, तो यह समय इस काम के लिए अच्छा है इससे आपको फायदा हो सकता है।

उपाय: प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।

 


6. कन्या राशि :
मंगल का गोचर आपकी राशि से दशम भाव यानि कर्म भाव में होगा। यह गोचर नौकरी पेशा से जुड़े लोगों के लिए बहुत लाभदायक रहेगा। इस राशि के कई जातकों के कॅरियर में इस दौरान उछाल देखने को मिलेगा। साथ ही कार्यक्षेत्र में आपके अधिकारों में वृद्धि हो सकती है।

वहीं इस राशि के जो जातक अब तक बेरोज़गार हैं, उन्हें जॉब मिल सकती है। लेकिन, इस दौरान आपको अपने विरोधियों से सावधान रहने की जरूरत है, अन्यथा वे आपके खिलाफ कोई साज़िश कर सकते हैं।

इस दौरान आपको अपने गुस्से पर काबू रखना होगा, नहीं तो आप अपना काम खुद ही बिगाड़ लेंगे। आपके जीवन साथी को इस दौरान किसी क़रीबी रिश्तेदार से कोई प्यारा तोहफ़ा मिल सकता है।

उपाय: विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत का जप करें।

7. तुला राशि :
आपकी राशि से मंगल ग्रह का गोचर नवम भाव यानि भाग्य भाव में होगा। इस गोचर के दौरान आय में वृद्धि के योग बनेंगे। वहीं कार्य के संबंध में किसी यात्रा पर जाना हो सकता है।

किस बात को लेकर पिता के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। सामाजिक दृष्टिकोण से यह गोचर आपके लिए अच्छा रहेगा, लोगों के बीच अपने विचारों को अच्छी तरह से व्यक्त करने में आप समर्थ रहेंगे और इसके चलते आपके मान-सम्मान में भी वृद्धि होगी। ख़र्चों में थोड़ी वृद्धि हो सकती है।

उपाय: मंगलवार के दिन मसूर की दाल दान में दें।

 

8. वृश्चिक राशि :
मंगल ग्रह का गोचर आपके अष्टम भाव यानि आयु भाव में हो रहा है। इस गोचर के दौरान आपको शारीरिक कष्ट हो सकते हैं। वहीं इस गोचर में आपको अप्रत्याशित लाभ होने की भी संभावना है।

इस दौरान उधार चुकाने में इस राशि के कुछ जातक सफल होंगे। भाई-बहनों से कहासुनी की स्थिति बन सकती है। आप किसी से भी बहस करने से पहले यह जान लें कि वो किस बात को लेकर आपसे गुस्सा हैं। बहसबाजी करने से बेहतर होगा आप समस्या का हल ढूंढे।

उपाय: देवी-देवताओं की आराधना करें और ध्यान लगाएं।

9. धनु राशि :
आपकी राशि से सप्तम भाव यानि विवाह भाव में साहस और पराक्रम के कारक ग्रह, मंगल गोचर करेंगे। इस समय नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को इस दौरान कार्यक्षेत्र में पदोन्नति मिल सकती है।

इस गोचर काल में आर्थिक पक्ष मजबूत होने के चलते आप धन की बचत कर पाएंगे। मानसिक तनाव को दूर करने के लिए इस दौरान काम से छुट्टी लेकर किसी हिल स्टेशन पर जाना आपके लिए फ़ायदेमंद रहेगा।

इस दौरान आपके जीवनसाथी के व्यवहार में आक्रामकता देखने को मिल सकती है जिससे आपके रिश्ते में दूरियां आ सकती हैं। इन दूरियों को मिटाने के लिए आप दोनों को आपस में बात करने की जरूरत है।

उपाय: प्रतिदिन सूर्य को जल का अर्घ्य दें।

 

10. मकर राशि :
आपकी राशि से षष्टम भाव यानि शत्रु व रोग भाव में मंगल का गोचर होगा। इस दौरान आपको कानूनी मामलों में सफलता मिलने के योग हैं। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए ज्यादा प्रयास करने होंगे, इस दौरान कुछ जातकों को काम के संबंध में किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है।

इस समय गुस्से पर काबू रखने की जरूरत है। जहां पर आपको लगे कि वाद-विवाद की स्थिति बन रही है वहां से दूरी बना लें। ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है। आपके जीवन साथी का ट्रांसफर होने के भी इस दौरान योग बन रहे हैं। किसी भी प्रकार के शक को इस समय अपने दिल में जगह न बनाने दें।

उपाय: श्री गणेश जी की आराधना करें और उन्हें मोदक का भोग लगाएं।

11. कुंभ राशि :
आपकी राशि से मंगल ग्रह पंचम भाव यानि पुत्र व बुद्धि भाव में गोचर करेंगे। इस गोचर के चलते प्रेम जीवन में आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है। वहीं नौकरी पेशा लोग इस समयावधि में नई संस्था से जुड़ने का विचार बना सकते हैं।

छोटी-छोटी बातों को लेकर इस दौरान जीवनसाथी या प्रेमी के साथ आपके विवाद हो सकते हैं। सामाजिक जीवन में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे और किसी नए शख्स से आपका अच्छा जुड़ाव हो सकता है। आपके जीवनसाथी के लिए यह गोचर अच्छा रहेगा और उन्हें किसी तरह का लाभ इस गोचर के चलते हो सकता है।

उपाय: मंगलवार के दिन गुड़ और लाल मसूर की दाल दान करें।

 

12. मीन राशि :
इस दौरान आपकी राशि से चतुर्थ भाव यानि सुख व माता के भाव में मंगल का गोचर होगा। आपके चतुर्थ भाव में मंगल का गोचर आपको मिलेजुले परिणाम देगा।

इस समय खुद को घर किसी वरिष्ठ सदस्य से वैचारिक मतभेद की स्थिति में शांत रखने की कोशिश करें, बहस करने से बात बिगड़ सकती है। वहीं कार्यक्षेत्र में इस दौरान आपको अच्छे फल मिलेंगे और आप कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। इसका आपको लाभ भी प्राप्त होगा। इस दौरान आप नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं।

उपाय: प्रतिदिन हनुमान जी की उपासना करें।

साल 2021 में मंगल का गोचर : ऐसे समझें...

मंगल गोचर 2021 की तिथियां :
राशि से : राशि में : दिनांक : दिन : समय
मेष : वृषभ : 22 फरवरी : सोमवार : 5:02
वृषभ : मिथुन : 14 अप्रैल : बुधवार : 1:16
मिथुन : कर्क : 2 जून : बुधवार : 6:39
कर्क : सिंह : 20 जुलाई : मंगलवार : 17:31
सिंह : कन्या : 6 सिंतंबर : सोमवार : 3:21
कन्या : तुला : 22 अक्टूबर : शुक्रवार : 1:13
तुला : वृश्चिक : 5 दिसंबर : रविवार : 5:01

मिथुन में मंगल के होने के मिथुन राशि के लिए मायने:
बुध की स्वामित्व वाली मिथुन राशि में मंगल के होने से व्यक्ति बहुमुखी प्रतिभा का धनी होता है और त्वरित निर्णय लेने में सक्षम होता है। मंगल गोचर 2021 के अनुसार, आप चीजों को पहचानने और उनका निष्कर्ष निकालने में अच्छे होंगे, इससे आपको काम के मोर्चे पर मदद मिलेगी, क्योंकि आप बेहतर सौदे कर पाएंगे। आप अपनी बात साबित करने और उसे लोगों को समझाने में भी अच्छे होंगे।
प इस दौरान कई काम करने में सक्षम होंगे, लेकिन किसी भी काम में आप महारत हासिल नहीं कर पाएंगे। आप कई काम एक साथ कर रहे होंगे, लेकिन अधिकांश कार्यों को पूरा करना मुश्किल होगा।

जो लोग पत्रकारिता, टीवी या मीडिया के पेशे में हैं, उनके लिए यह अवधि अनुकूल होगी। आप इस दौरान अपने रिश्तों को लेकर आलोचनात्मक रवैया अपनाएंगे और दूसरे लोगों के रवैये को लेकर बहुत चौकस रहेंगे। वहीं आपको सलाह दी जाती है कि आप गलती खोजने में बहुत अधिक अपना दिमाग न लगाएं, क्योंकि यह आपके व्यक्तिगत संबंध को खराब कर देगा।

इसके अलावा जो लोग प्रेम में पड़े हैं, उनके रिश्ते में सामंजस्य बना रहेगा और अपने संगी के साथ आप मीठी-मीठी बातें कर सकते हैं, साथ ही उनके दिल की बातों को जानने की भी आप कोशिश करेंगे। मित्रों और परिचितों के साथ छोटी यात्राओं पर जा सकते हैं। कुल मिलाकर, आप ऊर्जा से भरे रहेंगे और अधिकांश समय गतिशीलता आपमें बनी रहेगी। वहीं यह गोचर मेष, कन्या और मकर राशि वालों के लिए अच्छे परिणाम लेकर आएगा।

उपाय: रोज हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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दीपेश तिवारी
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