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Ruby Gemstone: इस खास रत्न को धारण करने से मिलती है तरक्की, जानिए इसके फायदे और नियम

Ruby Gemstone: रत्न शास्त्र में माणिक्य रत्न को रत्नों का राजा मिलता है। इस रत्न को धारण करने से जातक को अनेक फायदे होते हैं। चलिए जानते हैं कि रुबी स्टोन को पहनने से क्या फायदे मिलते हैं और इसके नियम के बारे में।

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भारत

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Religiondesk

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jayanti jha

Jan 02, 2026

Ruby Gemstone

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Ruby Gemstone: रत्न शास्त्र के हमारे जीवन में बहुत ही खास महत्व है। रत्न केवल फेशन के लिए पहने जाते हैं, बल्कि इनको धारण करने से जातक को बहुत से फायदे मिलते हैं। नौ रत्नों में से एक रत्न माणिक्य रत्न होता है, इस रत्न को रुबी के नाम से भी जाना जाता है। माणिक्य रत्न ग्रहों के राजा सूर्य ग्रह का रत्न माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि माणिक्य रत्न को पहनने से जातक को सूर्य दोष से मुक्ति मिलती है और उसकी कुंडली में राजयोग बनते हैं। ये रत्न व्यक्ति को यश और वैभव की प्राप्ति करवाता है। ये एक बेशकीमती रत्न माना जाता है। माणिक्य रत्न हर किसी को नहीं पहनना चाहिए। इस रत्न को हमेशा ज्योतिष की सलाह लेने के बाद ही विधिपूर्वक पहनना चाहिए। आइए जाने माणिक्य रत्न पहनने के लाभ और नियम।

माणिक्य रत्न धारण करने के लाभ

  • माणिक्य रत्न पहनने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है और इसके साथ नेतृत्व क्षमता भी अच्छी होती है।
  • इस रत्न को पहनने से जातक को करियर में तरक्की मिलती है, इसके साथ सूर्य दोष से भी छुटकारा मिलता है।
  • माणिक्य रत्न की अंगूठी धारण करने से जातक के मान- सम्मान में वृद्धि होती है।
  • माणिक्य पहनने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और आय में वृद्धि होती है।
  • सूर्य ग्रह के इस रत्न को पहनने से जातक की कुंडली में राजयोग बनते हैं।

माणिक्य रत्न धारण करने के नियम


इस रत्न को सोना या तांबे की धातु में बनवाकर धारण करना चाहिए। इस अंगूठी को आह दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में पहनें। इस रत्न को रविवार के दिन सुबह 5 बजे से लेकर 7 बजे तक के बीच धारण करना शुभ माना जाता है। माणिक्य रत्न को पहनने से पहले सूर्य देव की पूजा करें और सूर्य के ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः मंत्र जाप 108 बार करें। इसे गंगजल से शुद्ध करके अभिमंत्रित करने के बाद ही धारण करे

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