
Rain Forecast Astrology: ज्योतिष से बताया कब से तेज होगा बारिश का दौर (फोटो सोर्स- Patrika)
Monsoon News: इस वर्ष सावन और भादों (Sawan-Bhadon) के महीनों में देश के अधिकतर हिस्सों में उत्तम वर्षा के संकेत मिल रहे हैं। ज्योतिषीय और पंचांग गणनाओं के अनुसार, आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण ग्रहों का राशि और नक्षत्र परिवर्तन होने जा रहा है, जो मानसून की गति को तेजी प्रदान करेगा। हालांकि, इस दौरान कुछ स्थानों पर खंडवृष्टि और बाढ़ जैसी स्थितियां भी देखने को मिल सकती है।
ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया कि मेदिनी ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखें तो अलग-अलग प्रकार के ग्रहों की स्थिति सामने दिखाई देगी। अधिकतर ग्रह जलानाडी में रहने से एवं सूर्य के आगे शुक्र के होने से उत्तम वृष्टि के योग बनेंगे। इसका प्रभाव दक्षिण पश्चिम मानसून से जुड़े क्षेत्र में तथा अरब सागर से उठने वाले दबाव के क्षेत्र से संपूर्ण भारत के अधिकतर भू भागो में उत्तम वृष्टि के रूप में दिखाई देगा, हालांकि कुछ शुष्क स्थान भी रहेंगे।
सूर्य सिद्धांत की गणना से देखें, तो वर्तमान में सूर्य का कर्क राशि में परिभ्रमण चल रहा है। कर्क राशि का अधिपति चंद्रमा है। यह जल के क्षेत्र पर अपना नियंत्रण स्थापित करता है। वहीं कम दबाव के मानसून को पुनः गति प्रदान करने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इस दृष्टि से यह एक अच्छी स्थिति साथ ही गुरु का भी कर्क राशि में होने के कारण गुरु आदित्य योग बन रहा है। दोनों ही ग्रह की प्रकृति संसार को सकारात्मक संतुलन देने का अनुक्रम साधती है। इस दृष्टि से भी स्थितियां अनुकूल हैं।
2 अगस्त की मध्य रात्रि 11.30 बजे मंगल का मिथुन राशि में प्रवेश होगा। यह दक्षिण उत्तर की स्थिति को स्पष्ट करेगा, साथ ही 3 अगस्त को सूर्य का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश होने से हस्ती वाहन श्रेष्ठ वर्षा का योग बनेगा। इसके अलावा 1 अगस्त को शुक्र का कन्या राशि में प्रवेश होगा। यह भी एक अनुकूल स्थिति को दर्शा रहा है और विशेष यह है कि 11 अगस्त को गुरु का तारा उवित होने से एवं शुक्र का हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से सर्व व्यापक वर्षा के योग बनेंगे कुछ स्थानों पर खण्डवृष्टि के भी योग रहेंगे।
अगस्त की शुरुआत के साथ ही वर्षों के योग और अधिक प्रबल हो रहे हैं…
1 अगस्तः शुक्र का कन्या राशि में प्रवेश होगा, जो मानसून के लिए अनुकूल है।
2 अगस्तः मध्य रात्रि 11 30 बजे मंगल का मिथुन राशि में प्रवेश दक्षिण और उत्तर की मौसमी स्थिति को स्पष्ट करेगा।
3 अगस्तः सूर्य का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश होने से हस्ती वाहन' श्रेष्ठ वर्षा का योग बनेगा।
विशेष योग (11 अगस्त): इस दिन गुरु (बृहस्पति) का तारा उदित होने और शुक्र के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से देश में सर्वव्यापी वर्षों के योग बनेंगे, जिससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। ग्रहों की इस स्थिति के कारण जहां अधिकांश राज्यों में उत्तम बारिश से किसानों के चेहरे खिलेंगे, वहीं कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश से बाढ़ और जलभराव जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।
Updated on:
18 Jul 2026, 10:11 AM IST
Published on:
18 Jul 2026, 10:11 AM IST
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