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गुरु पूर्णिमा 2026: जानिए क्यों कहा गया है ‘गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः’, क्या है इसका अर्थ

Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जानिए गुरु का महत्व, बृहस्पति का आध्यात्मिक संबंध और क्यों सही मार्गदर्शन जीवन की सबसे बड़ी ताकत माना गया है।
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भारत

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Akash Dewani

Jul 14, 2026

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Guru Purnima 2026: जानिए गुरुओं का मनुष्य के जीवन पर महत्व (फोटो सोर्स- Chatgpt)

Guru Purnima Importance: भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान इसलिए दिया गया है, क्योंकि वे अज्ञान के अंधकार को दूर कर जीवन को नई दिशा देते हैं। "गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः" जैसे श्लोक इस बात का प्रमाण हैं कि गुरु ही सृष्टि के रचयिता, पालक और संहारक के समान हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व इसी गुरु-तत्व की आराधना का विशेष अवसर है। 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima 2026) का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर पंडित पंकज उपाध्याय से जानिए गुरु का वास्तविक महत्व, जीवन में उनके होने से क्या बदलाव आता है और क्यों हर व्यक्ति को एक सच्चे मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है।

गुरु का वास्तविक महत्व

गुरु पूर्णिमा हर वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है, क्योंकि इसी दिन महर्षि वेद व्यास जी का जन्म हुआ था, जिन्होंने वेदों का संकलन किया और महाभारत जैसे महान ग्रंथ की रचना की। उन्होंने मानव समाज को आध्यात्मिक ज्ञान का अमूल्य खजाना दिया। यह दिन गुरु को समर्पित होता है। चाहे वे शैक्षिक गुरु हों, आध्यात्मिक गुरु हों या जीवन के किसी भी मार्ग पर हमारा मार्गदर्शन करने वाले व्यक्ति।

गुरु केवल वह नहीं जो किताबें पढ़ाते हैं, बल्कि वह हैं जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। एक सच्चा गुरु शिष्य के जीवन को दिशा देता है, उसमें नैतिकता, संयम, सेवा और सत्य का बीज बोता है। हर वो व्यक्ति जिसने हमें सही दिशा दी है वो हमारा मार्गदर्शक या गुरु है। सिर्फ सही दिशा मिल जाने मात्र से व्यक्ति का जीवन बदल सकता है।गुरु के बिना जीवन वैसा ही है जैसे बिना पतवार की नाव।

ज्योतिष के अनुसार कौनसा गृह है हमारा गुरु?

ज्योतिष विज्ञान में बृहस्पति ग्रह हमारे जीवन में ज्ञान, सकारात्मकता और सुख का प्रतिनिधित्व करता है। अगर कुंडली में यह ग्रह कमजोर अवस्था में है तो ऐसी स्थिति में आसानी से गुरु या मार्गदर्शक नहीं मिल पाते है। अतः ऐसे लोगों को सही दिशा प्राप्त करने में बहुत संघर्ष करना पड़ता है। जन्म कुंडली में स्थित बृहस्पति को मजबूत बनाने का सर्वाधिक आसान तरीका है। सकारात्मक विचारधारा और उन लोगों के लिए प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करना जिन्होंने हमें दिशा प्रदान की है।

ऑनलाइन युग में भी कम नहीं हुआ गुरु का महत्व

आज के डिजिटल युग में भी गुरु का महत्व कम नहीं हुआ है। ऑनलाइन शिक्षकों, प्रेरक वक्ताओं और जीवन को दिशा देने वाले किसी भी व्यक्ति को हम ‘गुरु’ के रूप में स्वीकार कर सकते हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हम जहां हैं, जैसे हैं, उसमें हमारे गुरुओं की बड़ी भूमिका रही है। गुरु को नमन, उनके आशीर्वाद से ही जीवन में सच्ची उन्नति संभव है।