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चातुर्मास 2026: 4 महीने क्यों बंद रहते हैं शादी-विवाह? ज्योतिषाचार्य से जानें धार्मिक कारण

Chaturmas 2026: चार महीने तक शादी, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। ज्योतिषाचार्य से जानें आखिर ऐसा क्यों होता है, इन चार महीनों में कौन से बड़े पर्व आते हैं और धार्मिक मान्यता क्या कहती है?
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भारत

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Akash Dewani

Jul 13, 2026

chaturmas 2026 start date devshayani ekadashi marriage ban

Chaturmas 2026- जानिए 4 महीने क्यों बंद रहते हैं शादी-विवाह? (फोटो सोर्स- Chatgpt)

Chaturmas Religious Reasons:देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) इस बार 25 जुलाई को है। इसी दिन से चातुर्मास भी शुरू हो जाता है इसलिए अब 25 जुलाई से करीब 4 महीनों तक मांगलिक काम नहीं होंगे। चातुर्मास के दौरान पूजा-पाठ, कथा, अनुष्ठान से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। चातुर्मास में भजन, कीर्तन, सत्संग, कथा, भागवत के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। भगवान विष्णु के विश्राम करने से सभी तरह के मांगलिक कार्य रुक जाते हैं. इस अवधि को चातुर्मास भी कहा जाता है।

भगवान श्री नारायण की प्रिय हरिशयनी एकादशी या फिर कहें देवशयनी एकादशी से सभी मांगलिक कार्य जैसे शादी-विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत आदि पर अगले चार मास के लिए विराम लग जाएगा। इसी दिन से सन्यासी लोगों का चातुर्मास्य व्रत आरम्भ हो जाता है। धार्मिक दृष्टि से ये चार महीने भगवान विष्णु के निद्राकाल माने जाते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टि में चातुर्मास

ज्योतिषाचार्य धर्मेंद्र शास्त्री बताते है कि चिकित्सा विज्ञान के अनुसार इस दौरान सूर्य व चंद्र का तेज पृथ्वी पर कम पहुंचता है, जल की मात्रा अधिक हो जाती है, वातावरण में अनेक जीव-जंतु उत्पन्न हो जाते हैं, जो अनेक रोगों का कारण बनते हैं इसलिए साधु-संत, तपस्वी इस काल में एक ही स्थान पर रहकर तप, साधना, स्वाध्याय व प्रवचन आदि करते हैं।

भगवान शिव करेंगे सृष्टि का संचालन

भगवान विष्णु के विश्राम करने से सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं. इस दौरान सभी तरह के धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं, बस विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्य नहीं होते हैं. इस दौरान भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करना चाहिए।

चातुर्मास में इन पर्वों की रहती है धूम

चातुर्मास में सबसे पहले सावन का महीना आता है. सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है. इस माह में भगवान शिव की अराधना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. इसके बाद गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक भगवान गणेश की विशेष पूजा- अर्चना की जाती है. इसके बाद भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है.

4 महीने नहीं बजेगी शहनाई

चतुर्मास का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. हिंदू पंचांग के अनुसार चतुर्मास आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी से शुरू होकर कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि तक रहता है। इस दिन से भगवान विष्णु विश्राम काल पूरा करने के बाद क्षीर सागर से निकल कर सृष्टि का संचालन करते हैं।

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