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Sawan 2026: सावन के दो सोमवारों में बन रहा खास संयोग,लगेंगे दो ग्रहण, जानिए पूरा कैलेंडर

Sawan 2026- इस बार सावन सिर्फ चार सोमवार का नहीं, बल्कि कई दुर्लभ संयोगों का महीना बनने जा रहा है। जानिए पूरे महीने का कैलेंडर और खास तिथियां।
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भारत

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Akash Dewani

Jul 13, 2026

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Sawan 2026- जानिए श्रावण मास का पूरा कैलेंडर (फोटो सोर्स- Chatgpt)

Sawan Somvar Calendar 2026- भगवान शिव की आराधना के पवित्र श्रावण मास (Sawan 2026) की शुरुआत 30 जुलाई से होगी। गुरु पूर्णिमा तिथि 29 जुलाई की शाम तक रहने से शहर के कई शिवालयों में 29 जुलाई की शाम से ही रुद्राभिषेक शुरू हो जाएंगे। एक ओर जहां शिवालयों में सावन की तैयारियां चल रही हैं, वहीं प्रमुख शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक, पंचवक्री पूजा की बुकिंग प्रारंभ हो चुकी है। श्रावण सोमवार पर महादेव की विशेष पूजा-अर्चना होगी। कई मंदिरों में अंतिम सोमवार के लिए ही सीमित स्थान शेष हैं। 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले सावन में महादेव मंदिरों में रोजाना भगवान शिव की विशेष श्रृंगार झांकियां सजेंगी। सावन मास की शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी। इस तरह पूरे महीने मंदिरों में भगवान शिव की विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और श्रृंगार होंगे।

चार सोमवार पड़ेंगे, अनुष्ठान होंगे

पूरे 30 दिन के इस सावन में चार सोमवार पड़ेंगे, लेकिन इनमें दो सोमवार विशेष रहेंगे। 10 अगस्त को सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का संयोग रहेगा, जबकि 17 अगस्त को तीसरे सावन सोमवार पर नाग पंचमी मनाई जाएगी। एक ही दिन शिव और नाग देवता की आराधना का संयोग होने से शिवालयों में विशेष रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, पार्थिव श्रद्धालु पूरे महीने सोमवार शिवलिंग पूजन और भजन-कीर्तन होंगे। व्रत रखकर भगवान शिव का गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पंचामृत से अभिषेक करेंगे।

महीनेभर चलेंगे ये प्रमुख अनुष्ठान

शिव मंदिरों में सावन के सोमवार को हरिद्वार, सोरो सहित अन्य तीर्थ स्थलों से कांवड़ यात्राएं पहुंचेंगी। महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ ही भजन संध्या और जागरण होगा। श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी इसके लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिससे किसी दर्शन करने में परेशानी न हो। श्रद्धालु भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए बेलपत्र, धतूरा, भांग और शमी पत्र अर्पित करेंगे। सनातन धर्म मंदिर में रुद्राभिषेक करने वालों को पूजन सामग्री मंदिर की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।

सावन में लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण

इस दुर्लभ सावन में, विज्ञान और धर्म का मेल भी खूब देखने को मिल रहा है। खगोलविदों के लिए ये अद्भुत विषय है, वहीं सनातन परंपरा में इसे आत्म-शुद्धि का समय माना जाता है।

अगस्त मे, सावन के कृष्ण पक्ष की अमावस्या (12 अगस्त) को साल 2026 का दूसरा और अंतिम पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। इसके ठीक 15 दिन बाद, शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (28 अगस्त) को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। ज्योतिषीय गणना कहती है कि ये ग्रहण भारत में पूरी तरह से दिखाई नहीं देंगे, इसलिए कड़े पारंपरिक सूतक के नियम लागू नहीं होंगे। लेकिन ब्रह्मांड में जो ऊर्जा बदल रही है, उसका असर मंत्र साधना और शिव उपासना पर कम नहीं पड़ेगा।

सावन मास का कैलेंडर

श्रावण मास प्रारंभ- 30 जुलाई
पहला सोमवार- 3 अगस्त
दूसरा सोमवार, प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat)- 10 अगस्त
श्रावण मास शिवरात्रि (Sawan Shivratri)- 11 अगस्त
तीसरा सोमवार, नाग पंचमी (Nag Panchmi)- 17 अगस्त
चौथा व अंतिम सोमवार - 24 अगस्त
रक्षाबंधन, सावन पूर्णिमा (Rakshabandhan)- 28 अगस्त

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