
Home Vastu Tips: पंडित से जानिए घर में अंडरग्राउंड टंकी और सीढ़ियों के लिए कौन सी दिशा सही? (फोटो सोर्स-chatgpt)
Home Vastu Tips: जब सामान्य रूप से चल रहा जीवन अचानक बदल जाए, जैसे नौकरी छूटना, व्यापार में बड़ा घाटा या गंभीर स्वास्थ्य समस्या आ जाए तब जीवन की पूरी दिशा बदल जाती है। ऐसे हालात को वास्तु में स्थायित्व की कमी से भी जोड़कर देखा जाता है।
आम बोलचाल में अक्सर कहा जाता है कि "पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।" वास्तु शास्त्र इस कहावत को पृथ्वी तत्व और घर की नैऋत्य दिशा से जोड़ता है। मान्यता है कि यह दिशा घर में स्थायित्व और मजबूती का प्रतीक होती है। यदि इस दिशा में वास्तु दोष हो या यह कमजोर हो जाए, तो व्यक्ति के जीवन में अस्थिरता, बार-बार आने वाली परेशानियां और बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
पंडित पंकज उपाध्याय के अनुसार, घर की दक्षिण-पश्चिम अर्थात नैऋत्य दिशा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है।अगर इस दिशा में असंतुलन है तो इसे गंभीर दोष माना जाता है। वास्तु के अनुसार, यह दोष जीवन में भारी उथल-पुथल मचाने वाला दोष माना जाता है। जीवन में अस्थिरता, भारी नुकसान, असमय मृत्यु, मृत्यु तुल्य कष्ट, दिवालियापन, सम्मान की हानि , राज दंड, हृदयाघात, पितृ दोष और तांत्रिक क्रिया के दुष्प्रभाव इत्यादि का संबंध इस दिशा के वास्तु दोष से जोड़ा जाता है।
वास्तु के अनुसार दक्षिण-पश्चिम अर्थात नैऋत्य दिशा में कुछ निर्माण या संरचनात्मक बदलाव वास्तु दोष का कारण माने जाते हैं। इनमें भूमि या निर्माण का बढ़ना या भूमि का कटना, बोरिंग, गड्डा, अंडरग्राउंड वाटर टैंक, बेसमेंट , नीचा फ़र्श, नीचा निर्माण , सैप्टिक टैंक, टॉयलेट , किचन, ज्यादा खिड़की, दरवाजे और इस दिशा के सामने टी रोड होना शामिल है।
उपाध्याय के अनुसार, सामान्य तौर पर लोग पश्चिम या दक्षिण मुखी प्लॉट को सही नहीं मानते है लेकिन वो दिशा गलत नहीं होती है। कई बार समस्या प्लॉट की दिशा नहीं बल्कि उसके अंदर हुआ निर्माण होता है। जैसे कि कुछ छोटे आकार के प्लॉट में घर में घुसते ही अंडरग्राउंड वॉटर टैंक का निर्माण किया जाता है, जिससे दक्षिण दिशा प्रभावित होकर वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।
अंडरग्राउंड टंकी के निर्माण के समय ध्यान दें कि दक्षिण मुखी घर में टंकी का निर्माण पूर्व या पश्चिम की तरफ होता है। दोनों ही जगह अर्थात दक्षिण पूर्व एवं दक्षिण पश्चिम में टंकी का होना (अंडरग्राउंड) अशुभ होता है।
दक्षिण पश्चिम में लोग सीढ़ी का निर्माण ये सोच कर करते है कि ये दिशा भारी हो जाएगी। हालांकि, ऐसा करने से ऊपर गुमटी बना कर दरवाजा दे देने से वो दिशा खुल जाती है। इस दिशा को जितना भारी, बंद और ऊंचा रखा जाता है जीवन में उतना अधिक स्थायित्व प्राप्त होता है।
Updated on:
17 Jul 2026 11:20 am
Published on:
17 Jul 2026 11:20 am
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