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Solar Eclipse Prediction: सूर्य ग्रहण के बाद राहु केतु मचाएंगे उथल पुथल, आपदा, रोग, राजनीति आर्थिक तनाव बढ़ेंगे

20 अप्रैल 2023 को लग रहे हाइब्रिड सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2023) पर खगोलविदों के साथ ज्योतिषियों की भी नजर है। मेष राशि में पहले से ही सूर्य, बुध की राहु के साथ युति थी, अब सूर्य ग्रहण लग रहा है तो सूर्य ग्रहण 2023 का देश-दुनिया पर गहरा असर पड़ेगा। इससे देश दुनिया में आपदा, रोगों में वृद्धि, राजनीतिक आर्थिक क्षेत्र में ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिसके बारे में सोचा भी नहीं होगा। आइये जानते हैं सूर्य ग्रहण का दुष्प्रभाव(Solar Eclipse Prediction )।

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Pravin Pandey

Apr 19, 2023

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solar eclipse 2023

सूर्य ग्रहण का समय: ज्योतिषी पं. अरविंद तिवारी के अनुसार 20 अप्रैल को प्रारंभ होने वाला सूर्य ग्रहण प्रातः 7:05 पर शुरू होगा, ग्रहण का खग्रास प्रातः 8:07 पर होगा। इस सूर्य ग्रहण का मध्यकाल सुबह 9:45 तक होगा। वहीं, इस ग्रहण की समाप्ति दोपहर 12:24 तक होगी। इस प्रकार सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 22 मिनट की होगी।


सूर्य ग्रहण का सूतक काल (Surya Grahan Sutak kal): 20 अप्रैल 2023 को लगने वाला सूर्य ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण एशिया, प्रशांत महासागर अंटार्कटिका, हिंद महासागर समेत दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देगा। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतककाल मान्य नहीं होगा।

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उत्तराखंड और हिमाचल में भूकंप: 20 अप्रैल को सूर्य ग्रहण मेष राशि यानी अपनी उच्चतम राशि में भ्रमण कर रहा होगा और सूर्य ग्रहण की समाप्ति के बाद यानी 22 अप्रैल को गुरु ग्रह मेष राशि में प्रवेश करेंगे और मेष राशि में गुरु के प्रवेश करने से देश और दुनिया में विभिन्न प्रकार के परिवर्तन दिखाई देंगे। सूर्य ग्रहण देश और दुनिया पर बहुत गहरा प्रभाव डालने जा रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। सूर्य ग्रहण के बाद भारत के उत्तरी क्षेत्रों में कहीं-कहीं बड़ा भूकंप आ सकता है। खासतौर से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में।

राहु केतु बढ़ाएंगे कोरोनाः वहीं जोधपुर के ज्योतिषी अनीष व्यास के अनुसार सूर्य ग्रहण केतु के नक्षत्र अश्विनी में हो रहा है और सूर्य ग्रहण के समय शनि शतभिषा नक्षत्र में, मंगल आद्रा और केतु स्वाति नक्षत्र में रहेंगे (ये तीनों नक्षत्र राहु के हैं)। इसका अर्थ है सूर्य ग्रहण के समय छह ग्रह राहु केतु के नक्षत्रों या इनके प्रभाव में हैं। इससे सूर्य ग्रहण का व्यापक प्रभाव पड़ेगा। इसके प्रभाव से भारत और दक्षिण- दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में सूर्य ग्रहण के बाद कोरोना का प्रकोप बढ़ सकता है। अन्य जीवाणुजन्य रोग भी फैल सकते हैं। हालांकि स्थिति नियंत्रण में ही रहेगी।


भारत पाकिस्तान के रिश्तों में और भी गिरावट आने की आशंका है। इसके बाद 22 अप्रैल को गुरु मेष राशि में अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे यह केतु का नक्षत्र है जिसके प्रभाव से असामान्य वर्षा, आंधी तूफान और जीवाणु जन्य रोग फैल सकते हैं। वहीं भारत की कुंडली के अनुसार ग्रहण के समय मंगल बुध की राशि मिथुन में, बुध मंगल की राशि मेष में होकर अशुभ योग बना रहा है। इससे विदेश से जुड़े बड़े आर्थिक घोटाले के उजागर होने के हालात बन रहे हैं।

सोने का दाम बढ़ेगाः सूर्य ग्रहण 2023 के समय मेष राशि में बुध का सूर्य, चंद्रमा और राहु के साथ युति बना रहा है। इसके परिणाम स्वरूप सोने के दाम में वृद्धि होने की आशंका है। इसके अलावा शेयर मार्केट में भी उथल पुथल मचेगी।

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