इन लोगों को नहीं पहनना चाहिए माणिक्य (रूबी) पहनने से पहले सावधान! शरीर पर ये निशान हों तो बढ़ सकती है परेशानी
रूबी सूर्य का रत्न है, लेकिन ज़्यादा सोलर एनर्जी वालों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। शरीर पर खास तिल या जन्मचिह्न हों तो बिना ज्योतिष सलाह रूबी न पहनें। संतुलन के लिए योग और मंत्र बेहतर विकल्प हैं।
किन्हें नहीं पहनना चाहिए रूबी रत्न (pc: gemini generated)
वैदिक ज्योतिष में रूबी (माणिक्य) को सूर्य का रत्न माना जाता है। परंपरागत रूप से इसे आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, साहस और मान-सम्मान बढ़ाने वाला पत्थर कहा गया है। पहले ज्योतिषी कमजोर सूर्य को मजबूत करने के लिए रूबी पहनने की सलाह देते थे।
लेकिन अब ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति के लिए रूबी फायदेमंद नहीं होता। जिन लोगों में पहले से ही “सोलर एनर्जी” या सूर्य का प्रभाव ज्यादा है, उनके लिए रूबी नुकसानदायक साबित हो सकता है।
ज्यादा सूर्य शक्ति: दोधारी तलवार
ज्योतिष के अनुसार सूर्य सिर्फ ताकत और आत्मसम्मान नहीं, बल्कि ईगो, गुस्सा, महत्वाकांक्षा और तेज़ ऊर्जा का भी प्रतीक है। अगर किसी व्यक्ति में यह ऊर्जा पहले से अधिक है, तो रूबी पहनने से घमंड, बेचैनी, चिड़चिड़ापन और मानसिक असंतुलन बढ़ सकता है।
ज्योतिषियों के मुताबिक, शरीर पर कुछ खास जगहों पर तिल या जन्मचिह्न होना सूर्य की मजबूत मौजूदगी का संकेत माना जाता है:
शरीर के ये निशान दिखाते हैं तेज सोलर एनर्जी
माथा: तेज विलपावर, लेकिन जल्दबाजी और गुस्सा बढ़ सकता है
दिल या छाती: भावनात्मक ओवरलोड, एंग्जायटी
दाहिना कंधा: पावर स्ट्रगल और वर्कप्लेस टेंशन
रीढ़ या ऊपरी पीठ: जिम्मेदारियों का बोझ, बर्नआउट
नाभि क्षेत्र: चिड़चिड़ापन, पाचन से जुड़ी गर्म समस्याएं
दाहिनी हथेली: जल्दबाज़ फैसले, पैसों में अस्थिरता
गला या गर्दन: कड़वी भाषा, रिश्तों में तनाव
आंखें/भौंहें: सिरदर्द, आंखों में संवेदनशीलता
मुकुट (सिर का ऊपरी हिस्सा): अहंकार, भावनात्मक दूरी
ऐसे लोग बिना कुंडली जांचे रूबी न पहनें।
रूबी की जगह ये उपाय अपनाएं
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ज़्यादा सोलर एनर्जी वाले लोग रत्नों की बजाय संतुलन वाले उपाय करें: