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15 मई तक इन राशियों के लिए समय खतरनाक, बचाव के लिए करें ये उपाय

मेष राशि इन दिनों ग्रहों की हलचल का केंद्र बना हुआ है, अभी सूर्य, बुध, राहु की युति से ही भारत सहित दुनिया भर में अप्रत्याशित घटनाएं हो रही हैं, इन दिनों यहां ग्रहण योग (grhan yog), पितृ दोष योग बना हुआ है। कुछ ही दिनों में गुरु भी यहां पहुंचेंगे और एक और अशुभ योग गुरु चांडाल योग (Guru Chandal Yog) बनाएंगे। शनि की दृष्टि इन सबको अशुभ परिणामों का कारक बना रही है और कुछ ही दिनों में मंगल हालात को और बिगाड़ने लगेंगे। खासतौर पर छह राशियों को इसका सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा तो आइये जानते हैं क्या कुछ घटने वाला है लोगों के जीवन मेें...

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Pravin Pandey

Apr 17, 2023

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अभी तो केवल सूर्य ही 14 अप्रैल से अग्नि तत्व यानी अपनी उच्च राशि मेष मे प्रवेश कर राहु संग युति किए हैं, जिन पर शनि की नीच दृष्टि है और एक के बाद एक अप्रत्याशित घटनाएं (12 अप्रैल को बठिंडा में चार सैनिकों की हत्या, बीते दिनों पुलिस कस्टडी में अतीक अशरफ की हत्या, कुछ देशों में भूकंप जैसी घटनाएं) शुरू हो गईं हैं।

बुध भी यहीं मौजूद हैं, और राहु के कारण नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। 22 अप्रैल से गुरु मेष राशि मे प्रवेश कर राहु और सूर्य की साथ उपस्थिति के कारण पीड़ित होकर शनि की तीसरी नीच दृष्टि से पीड़ित होंगे। इस बीच अधिकांश ग्रह राहु और केतु के नक्षत्र में पड़े हुए है। 10 मई से मंगल नीच के होकर राहु से चौथे हो जाएंगे. इससे इन सात राशियों के लिए समय खतरनाक है, जानिए इनको क्या नुकसान हो सकता है और इससे बचाव के लिए क्या करें।

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मेष राशिः इन दिनों मेष राशि में सूर्य की राहु के साथ युति बनी है। इसके चलते पितृ दोष योग और ग्रहण योग का निर्माण हुआ है। इसके चलते मेष राशि के सभी सकारात्मक फलों का प्रभाव नष्ट हो रहा है। इससे परिवार में लड़ाई झगड़े, धन हानि, शारीरिक, मानसिक बीमारियों, हृदय, नाक की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। 22 अप्रैल को गुरु भी मेष राशि में पहुंच जाएंगे, लेकिन राहु के कारण इनकी शुभता प्रभावी नहीं होगी, इसकी एक वजह इसका शनि से पीड़ित होना है। इस समय गुरु चांडाल योग बनेगा।

इससे मेष राशि के जातक को सेहत संबंधित समस्याओं से जूझना पड़ेगा। एनीमिया, थैलीसीमिया, उक्त रक्त चाप, निम्न रक्तचाप आदि बीमारियां हो सकती हैं। दस मई से मंगल नीच के होकर राहु से चौथे हो जाएंगे, यह स्थिति और बिगाड़ेगा। इससे बचाव के लिए मेष राशि के जातक को रोजाना शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए और हर मंगलवार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

सिंह राशिः इन दिनों सूर्य मेष राशि में राहु से युति किए हैं। इससे पितृ दोष योग और ग्रहण योग बना हुआ है। सिंह सूर्य की ही राशि है, इससे इस राशि पर भी दुष्प्रभाव होंगे। कुछ दिनों बाद गुरु भी मेष राशि में पहुंच जाएंगे और गुरु चांडाल योग बनाएंगे। इन सबके नकारात्मक प्रभाव से सिंह भी प्रभावित होगा। इससे सिंह राशि के जातकों की नई योजनाएं बनेंगी, लेकिन पूरी नहीं हो पाएंगी। लेनदेन में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। अपनी गाड़ी है तो भी दूसरे की गाड़ी का इस्तेमाल करनी पड़ सकती है। मुश्किलों से बचने के लिए रुद्राभिषेक करना चाहिए।

तुला राशिः इस राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति में बदलाव होगा, संचित धन में कमी आएगी। पत्नी का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा, व्यापार में समस्या आएगी। इस दौरान वाहन सावधानी से चलाना चाहिए। इस दौरान ऊंचाई से बचकर रहें। दुष्प्रभावों से बचने के लिए माता पार्वती की पूजा करें। बाद में शिव चालीसा का पाठ करें।

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वृश्चिकः निवेश और खर्च को लेकर जोखिम लेने से बचें, बकाया कर्ज और बिल भुगतान पर ध्यान देने की जरूरत है। आर्थिक समस्या से जूझना पड़ सकता है। इस अवधि में आप पर कोई मुकदमा थोपा जा सकता है। कार्य की अधिकता रहेगी, आप सुस्त हो सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां आ सकती हैं। माता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। पितृ दोष गले संबंधित बीमारियों की वजह बन सकता है। खर्च से बजट बिगड़ सकता है। इस राशि के जातक को मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

धनुः इस राशि के जातकों की कुंडली में पितृ दोष बनेगा। इस राशि के जातकों को परेशानी होगी, इस अवस्था में संतान को कष्ट होगा। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहेगी, विद्यार्थियों के लिए यह समय अनुकूल नहीं है। इस राशि के जातक को गुरुवार व्रत रखना चाहिए और रोजाना ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।

मीनः इस समय आपको निराशा घेर सकती है। लेनदेन में सावधानी की जरूरत है। दुर्घटना आदि की आशंका है। एक साथ कई काम करने से बचना चाहिए। दूध मिला जल रोज भगवान शिव को चढ़ाएं और गन्ने का रस सोमवार को चढ़ाएं। व्यापार और नौकरी में समस्या बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति ठीन नहीं रहेगी।