
tree vastu shastra in hindi
पेड़ों के वास्तु शास्त्र को ऐसे समझिए
भारतीय ज्योतिष में वास्तु शास्त्र का बड़ा महत्व है, वास्तु शास्त्र यानी गृह निर्माण का शास्त्र। ज्योतिष के अनुसार शरीर पंच महाभूतों से बना है और इसके प्रतिनिधि ग्रह और तारे नक्षत्र भी हैं, इनके नियंत्रण वाली कई दूसरी वस्तुएं भी सृष्टि में हैं, सब एक दूसरे पर प्रभाव डालते हैं। मानव भी इससे अलग नहीं है।
पेड़ों में तो देवताओं का वास माना गया है, इसलिए मान्यता है कि उनकी जगह सही न होने पर ये लाभ की जगह नुकसान भी पहुंचाते हैं। इसलिए पेड़ों की घरों और उसके चारों तरफ जगह और दिशा भी ठीक होनी चाहिए तो आइये जानते हैं पेड़ों का वास्तु सही न होने पर क्या नुकसान हो सकते हैं।
घर में ये पेड़ लगाने पर मंडराती है मुसीबत
1. वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर किसी के घर में कदम्ब, केला और नींबू उत्पन्न होता है तो उस घर का मालिक कभी तरक्की नहीं कर पाता।
2. धार्मिक ग्रंथों में पाकर, गूलर, आम, नीम, बहेड़ा, कांटेदार वृक्षों, पीपल, इमली आदि को घर के पास न होने देने की सलाह दी गई है।
3. मान्यता है कि पूर्व दिशा में पीपल, अग्निकोण में दुग्धदार वृक्ष, दक्षिण में पाकड़, निम्ब, नैऋत्य में कदम्ब, पश्चिम में कांटेदार वृक्ष, उत्तर में गुलर, केला, छाई और ईशान में कदली वृक्ष नहीं लगाना चाहिए। ऐसा होने पर किसी वास्तुशास्त्री से सलाह जरूर लेना चाहिए।
4. पूर्व दिशा में लगे फलदार वृक्षों से संतति को नुकसान, पश्चिम में कांटेदार वृक्ष लगे होने से शत्रु भय, दक्षिण में दूधवाले वृक्ष लगे होने से धननाश की बात कही गई है। मान्यता है कि ये वृक्ष पीड़ा, कलह, नेत्ररोग और शोक प्रदान करते हैं। हालांकि ये वृक्ष घर की किसी भी दिशा में नहीं हों तो ही अच्छा है।
5. वास्तु शास्त्रियों का कहना है कि बैर, पाकड़, बबूल, गूलर आदि कांटेदार पेड़ घर में दुश्मनी पैदा करते हैं। इनमें जति और गुलाब अपवाद हैं। घर में कैक्टस के पौधे भी नहीं लगाने चाहिए।
6. वास्तु के जानकारों का यह भी कहना है कि आवासीय परिसर में दूध वाले वृक्ष लगाने से धनहानि होती है।
7. इसके अलावा महुआ, पीपल, बरगद घर के बाहर होने चाहिए। केवड़ा और चंपा को घर में लगा सकते हैं।
8. वहीं जिन पेड़ों से गोंद निकलता हो जैसे चीड़ आदि इन्हें घर के परिसर में नहीं लगाने चाहिए। यह धन हानि की संभावना को बढ़ाते हैं।
9. घर की दक्षिण दिशा में गुलमोहर, पाकर, कटहल के वृक्ष लगाने से अकारण शत्रुता, धननाश, असंतोष और कलह की स्थिति बनती है।
10. दक्षिण पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण की ओर पलाश, जवाकुसुम, बरगद, लाल गुलाब अशुभ और कष्टदायक होते हैं। इस दिशा में लाल फूलों के वृक्षों और लताओं के साथ कांटे वाले वृक्ष अनिष्टकारक और मृत्युकारक माने गए हैं।
11. घर की पूर्व दिशा की ओर पीपल और बरगद के वृक्ष लगाना शुभ नहीं होता। इनसे स्वास्थ्य हानि, प्रतिष्ठा में कमी और अपकीर्ति होती है।
Published on:
31 Jul 2023 06:14 pm
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