
Vedic Astrology : ज्योतिष में गोचर का असर: कौन सा ग्रह कब देगा शुभ फल और कब बरतें सावधानी
Planetary Transits in Astrology : ज्योतिष की दुनिया में, ग्रहों का गोचर किसी भी इंसान की जिंदगी में बड़ा फर्क डाल सकता है। गोचर का मतलब है ग्रहों का एक राशि से दूसरी राशि में जाना। ये बदलाव वैदिक ज्योतिष में बहुत मायने रखते हैं। जब आप ग्रहों के गोचर को समझ लेते हैं, तो आपको पता चलने लगता है कि सेहत, करियर, रिश्ते या फिर आध्यात्मिकता जैसी चीजों पर उनका क्या असर पड़ सकता है।
गोचर यानी मूवमेंट। ज्योतिष में ये तब होता है जब कोई ग्रह एक राशि छोड़कर दूसरी में जाता है। हर ग्रह की स्पीड अलग है, इसलिए हर कोई किसी राशि में अलग-अलग समय तक टिकता है। चंद्रमा सबसे तेज है, वहीं शनि सबसे धीमा। जब कोई ग्रह नई राशि में घुसता है, तो उसे राशि परिवर्तन कहते हैं। ये मूवमेंट आपकी जन्म कुंडली के हिसाब से सीधे आप पर असर डालता है।
वैदिक ज्योतिष में, ग्रहों का गोचर सिर्फ़ तारों की चाल नहीं है—ये ब्रह्मांड की ऊर्जा में बदलाव लाते हैं। नौ ग्रह—सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु—हर एक का अपना असर है। आपकी कुंडली में ये जहां बैठे हैं, वहां से ये या तो अच्छा फल देते हैं या थोड़ा मुश्किल वक्त लेकर आते हैं। ज्योतिषी इन्हीं गोचरों को देखकर बताते हैं कि किसकी जिंदगी में कब क्या बदलाव, मौका या चुनौती आने वाली है।
| ग्रह | एक राशि में रहने की अवधि |
|---|---|
| सूर्य | लगभग 1 महीना |
| चंद्रमा | लगभग 2.25 दिन(सबसे तेज) |
| मंगल | करीब 57 दिन |
| बुध | लगभग 1 महीना |
| बृहस्पति | 1 साल से 13 महीने |
| शुक्र | करीब 1 महीना |
| शनि | लगभग 2.5 साल(सबसे धीमा) |
| राहु | 1.5 साल |
| केतु | 1.5 साल |
ज्योतिषी इन्हीं समयों से पता लगाते हैं कि कौन सा ग्रह कितने दिन तक किस राशि को और उसके मालिक को असर में रखे
ज्योतिष में, जब कोई ग्रह किसी भाव से गुजरता है, तो उसका असर हर किसी पर अलग पड़ता है। यहां एक झलक है कि किस ग्रह का गोचर कहां अच्छा फल देता है और कहां नहीं:
| ग्रह (Planet) | शुभ भाव / स्थान (Benefic Houses in Transit) | प्रभाव का मुख्य क्षेत्र (Primary Areas of Impact) |
| सूर्य (Sun) | 3, 6, 10, 11 | सफलता, अधिकार, करियर और शत्रु विजय। |
| चंद्रमा (Moon) | 1, 3, 6, 7, 10, 11 | मानसिक शांति, सुख, यात्रा और सामाजिक लाभ। |
| मंगल (Mars) | 3, 6, 11 | ऊर्जा, साहस, संपत्ति और जीत। |
| बुध (Mercury) | 2, 4, 6, 8, 10, 11 | बुद्धि, व्यापार, संवाद और धन वृद्धि। |
| बृहस्पति (Jupiter) | 2, 5, 7, 9, 11 | ज्ञान, संतान, विवाह, भाग्य और विस्तार। |
| शुक्र (Venus) | 1, 2, 3, 4, 5, 8, 9, 11, 12 | प्रेम, विलासिता, कला, और वैवाहिक सुख। |
| शनि (Saturn) | 3, 6, 11 | अनुशासन, लंबी अवधि के लाभ और बाधाओं का अंत। |
| राहु (Rahu) | 3, 6, 11 | अचानक लाभ, विदेश यात्रा और महत्वाकांक्षा। |
| केतु (Ketu) | 1, 2, 3, 4, 5, 7, 9, 11 | आध्यात्मिकता, अंतर्ज्ञान और आकस्मिक घटनाएं। |
गोचर सिर्फ कोई दूर की खगोलीय घटना नहीं है ये वाकई आपकी जिंदगी की दिशा बदल सकते हैं। जैसे -
करियर और पैसे की बात करें तो, बृहस्पति अगर अच्छे भाव से गुजर रहा है, तो तरक्की और समृद्धि मिलती है। शनि का गोचर मेहनत और सब्र सिखाता है।
रिश्तों में, शुक्र का गोचर प्यार और तालमेल बढ़ा देता है। वहीं राहु-केतु कभी-कभी उलझन या चुनौती लेकर आते हैं।
सेहत में, चंद्रमा का गोचर आपकी भावनाओं को टच करता है, मंगल फिजिकल एनर्जी या गुस्से की ओर इशारा कर सकता है।
वैदिक ज्योतिष में ये गोचर यानी Planets की मूवमेंट ही तय करती है कि आपके जीवन में कब कौन सी ऊर्जा आएगी और कौन सा वक्त शुभ है या थोड़ा संभलकर चलने वाला। ज्योतिषी इन्हीं गोचरों का अध्ययन करके बताते हैं कि कब क्या करना अच्छा रहेगा और कब किस बात से बचना चाहिए।
अगर आप अपने जीवन में सही फैसले लेना चाहते हैं, तो गोचर को समझना मदद करता है। इससे आप अपने काम और प्लानिंग को ब्रह्मांड की एनर्जी के साथ सेट कर सकते हैं। और अगर आपको अपने गोचर का असर और भी गहराई से जानना है, तो किसी अच्छे ज्योतिषी से ज़रूर मिलें।
Published on:
15 Jan 2026 02:11 pm
बड़ी खबरें
View Allधर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
