
देवगुरु बृहस्पति 12 साल के अंतराल के बाद अपनी चाल में एक बड़ा परिवर्तन करने जा रहे हैं। ऐसे में देवगुरु की ये स्थिति कई राशि के जातकों के लिए विशेष फलदायी होती दिख रही है। ज्ञात हो कि ग्रहों का गोचर ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, ऐसे में इसका असर समस्त राशियों के जातकों पर देखने को मिलता है।
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार देवताओं के गुरु देवगुरु बृहस्पति सोमवार 4 सितंबर की शाम 4.58 बजे से मंगल के स्वामित्व वाली राशि मेष में वक्री हो रहे हैं।
ऐसे में देवगुरु की इस साल का समस्त राशियों पर प्रभाव के तहत कुछ राशियों को जहां इसके चलते लाभ की स्थिति का निर्माण होगा तो वहीं कुछ राशि के जातकों पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिलेगा।
तो चलिए पहले जानते हैं कि देवगुरु की ये चाल किन राशि के जातकों को सकारात्मक प्रभाव यानि लाभ प्रदान करेगी।
मेष राशि: आपकी राशि में ही देवगुरु की वक्री चाल आपकी सेहत को प्रभावित कर सकती है अत: ध्यान रखें। इस दौरान आपको सोच समझकर ही खर्चे करने चाहिए। ये समय आपके अनुकूल रहने के चलते इस समयावधि में आपको धन से जुड़ा लाभ होगा;
सिंह राशि: देवगुरु की वक्री चाल सिंह राशि के जातकों को आर्थिक लाभ प्रदान करने के साथ ही उनके आपसी मतभेदों को दूर करने में सहयोगी होगी। भाग्य का साथ मिलने के साथ ही बुरा समय भी समाप्त होता दिख रहा है।
तुला राशि: देवगुरु बृहस्पति की वक्री चाल के फलस्वरूप कार्यों में सफलता के अलावा व्यवसाय में लाभ होगा। इसके अलावा कॅरियर में तरक्की के अलावा परेशानियों का भी अंत होगा।
धनु राशि: बृहस्पति की वक्री चाल धनु राशि के छात्रों के लिए विशेष शुभ रहती दिख रही है। भगवान की कृपा से सेहत अच्छी रहने के साथ ही दांपत्य जीवन भी अच्छा रहता दिख रहा है।
मीन राशि: आपकी राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति की वक्री चाल आपके पेशेवर जीवन में खुशियां लाएगी। कर्जों की परेशानी खत्म होने के साथ ही मीन राशि के नौकरी पेशा जातकों के लिए ये समय विशेष रूप से अच्छा रहेगा।
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वहीं दूसरी ओर देवगुरु की ये चाल कुछ राशि के जातकों के लिए ऋणात्मक प्रभाव यानि परेशानियां उत्पन्न करती दिख रही है।
वृषभ राशि
देवगुरु बृहस्पति की वक्री चाल के फलस्वरूप वृषभ राशि के जातकों के सुख में कमी होगी पेट में पीड़ा हो सकती है। छोटी-मोटी दुर्घटना भी हो सकती है। वृष राशि के जातकों को राम रक्षा स्त्रोत का जाप करना चाहिए।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति की वक्री चाल के फलस्वरूप धन प्राप्त होने में कमी आएगी । भाई बहनों के साथ तनाव बढ़ेगा। संतान से सहयोग प्राप्त होगा जीवनसाथी को कष्ट हो सकता है। संतान के लिए लाभप्रद है। इनको चाहिए कि घर की बनी पहली रोटी गौ माता को दें।
कर्क राशि
देवगुरु बृहस्पति की इस वक्री चाल के फलस्वरूप चंद्र के स्वामित्व वाली कर्क राशि के जातकों को कार्यालय में परेशानी होगी। पिताजी को कष्ट होगा। माता जी के परेशानी में कमी आएगी। धन प्राप्त में बाधा होगी। पेट में कष्ट हो सकता है।
कन्या राशि
देवगुरु बृहस्पति की वक्री चाल के फलस्वरूप कन्या राशि के जातकों के सुख में कमी आएगी धन आने का योग बन सकता है कचहरी के कार्यों में असफलता प्राप्त हो सकती है। पेट में पीड़ा हो सकती है।
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वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों को देवगुरु बृहस्पति की वक्री चाल के फलस्वरूप शारीरिक कष्ट हो सकता है। कचहरी के कार्यों में लाभ प्राप्त होगा। कार्यालय में थोड़ी परेशानी हो सकती है।
मकर राशि
देवगुरु बृहस्पति की वक्री चाल के फलस्वरूप आपकी माता जी के स्वास्थ्य में थोड़ी खराबी आ सकती है। आपके सुख में कमी हो सकती है। खर्चे में कमी होगी। स्थानांतरण रुक सकता है।
कुंभ राशि
देवगुरु बृहस्पति की वक्री चाल के फलस्वरूप आपके भाई बहनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। भाग्य थोड़ा साथ देगा। जीवनसाथी को कष्ट हो सकता है।
Published on:
04 Sept 2023 02:50 pm
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