
रोड सेफ्टी (Road Safety) हर देश में एक बड़ा मुद्दा होता है। हर साल दुनियाभर में रोड एक्सीडेंट्स की वजह से कई लोगों की मौत होती है और कई लोग घायल होते हैं। भारत (India) भी इन देशों की लिस्ट में शामिल है। भारत में भी रोड एक्सीडेंट्स की वजह से हर साल कई लोगों की मौत होती है और कई लोग घायल होते हैं। रोड एक्सीडेंट कई वजह से होता है। इनमें लापरवाह तरीके से ड्राइविंग करना (Rash Driving) भी शामिल है। लापरवाही से ड्राइविंग करना काफी रिस्की होता है और इस वजह से कई रोड एक्सीडेंट्स होते हैं। ऐसे में हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने इस बारे में एक बड़ा फैसला लिया है।
क्या है दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला?
दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने हाल ही में लापरवाही से ड्राइविंग करने के विषय में एक बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि ड्राइविंग करते समय ध्यान नहीं ध्यान नहीं रखना भी लापरवाही से ड्राइविंग करना ही कहलाएगा। इसमें अपने व्हीकल पर ध्यान, आस-पास का ध्यान रखना शामिल हैं। इसके साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि गलत गलत तरीके से ओवरटेक करना भी लापरवाही से ड्राइविंग करना ही कहलाएगा।
जस्टिस गौरांग कांत ने सुनाया फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस गौरांग कांत ने इस मामले में फैसला सुनाया। जस्टिस कांत ने एक याचिका को सुनते हुए यह फैसला सुनाया। जस्टिस कांत ने यह कहा, "व्हीकल चलाते समय ध्यान नहीं रखना या गलत तरीके से दूसरे व्हीकल को ओवरटेक करना, चाहे वो व्हीकल खड़ा हुआ हो, या चल रहा हो, लापरवाही से ड्राइविंग करने की श्रेणी में आता है।"
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Updated on:
01 Apr 2023 02:52 pm
Published on:
01 Apr 2023 02:25 pm

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