2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हो गया कन्फर्म: भारत में आयोजित होगा MotoGP रेसिंग, इस स्टेट में होगी रफ़्तार की जंग और मिलेगी 50 हजार लोगों को नौकरी

MotoGP का आयोजन उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) के ट्रैक पर किया जाएगा। इसे फॉर्मूला वन (F1) रेसिंग के लिए तैयार किया गया था, अब एक बार फिर से ये ट्रैक रफ़्तार की जंग का गवाह बनेगा।

2 min read
Google source verification
motogp_bharat_grand_prix_india-amp.jpg

MotoGP to Debut in India Next Year at BIC - Pic Courtesy: MotoGP

मोटोजीपी के फैंस के लिए खुशख़बरी है, आखिरकार कई अटकलों के बाद भारत में दुनिया के सबसे मशहूर बाइक रेसिंग चैंपियनशिप MotoGP के आयोजन पर आखिरी मुहर लग चुकी है। हमने इससे पहले भी अपने रिपोर्ट में बताया था कि, संभवत: जल्द ही मोटोजीपी रेस को भारत में आयोजित करने की घोषणा हो सकती है, अब इसकी आधिकारिक पुष्टी हो गई है। ड्रोना स्पोर्ट्स (Drona Sports) और नोएडा स्थित फेयरस्ट्रीट स्पोर्ट्स ने चैंपियनशिप को यहां लाने के लिए सात साल के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

रेस को भारत का ग्रैंड प्रिक्स (Grand Prix Of Bharat) कहा जाएगा, और यह उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) में आयोजित किया जाएगा। हालांकि अभी तक इस रेस की तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इसे 2023 के प्रारंभिक महीनों में शुरू किया जा सकता है। एक आधिकारिक कार्यक्रम में बोलते हुए, डोर्ना स्पोर्ट्स के प्रबंध निदेशक कार्लोस एज़पेलेटा ने कहा कि, यह देखते हुए कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दोपहिया बाजार है ऐसे में मोटोजीपी के लिए यहां आना "बहुत आसान" था।

उन्होनें कहा कि, "MotoGP दुनिया भर में नए दर्शकों और प्रशंसकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसलिए ऐसी जगह पर उपस्थिति दर्ज कराना जरूरी हो जाता है, जहां स्पोर्ट के प्रशंसक और दोपहिया चालक तेजी से बढ़ रहे हैं। MotoGP को नई सीमाओं तक ले जाने की हमारी योजना के लिए भारत महत्वपूर्ण है।"


आयोजकों को उम्मीद है कि भारत का ग्रैंड प्रिक्स अगले साल शुरू हो सकता है, इसके लिए वो उत्तर प्रदेश सरकार और खेल मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, 2023 में इसके आयोजन के लिए समय बेहद कम है और यदि इसे आगे 2024 तक बढ़ाया जाता है तो बहुत देर होगी। इसके अलावा बीआईसी को अभी भी एफआईएम (फेडरेशन इंटरनेशनेल डी मोटोसाइक्लिज्म) द्वारा समरूप करने की आवश्यकता है।


बता दें कि, ये रेसिंग ट्रैक मूल रूप से फॉर्मूला वन (F1) के लिए बनाया गया था और इसने 2011 से 2013 तक इंडियन ग्रां प्री की मेजबानी की है,। हालाँकि, इसे दुनिया के सबसे उचें दोपहिया रेसिंग की मेजबानी के लिए उपयुक्त बनाने के लिए रेसिंग ट्रैक्स में कुछ बदलावों की आवश्यकता हो सकती है। यह पहली बार नहीं है जब इस सर्किट ने एक अंतरराष्ट्रीय टू-व्हीलर रेसिंग की मेजबानी के मौके तलाशे हैं, इससे पहले साल 2010 के मध्य में ट्रैक पर विश्व सुपरबाइक चैम्पियनशिप के मेजबानी करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन किस कारणों के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था।


50,000 लोगों को मिलेगी नौकरी:

हालांकि, भारतीय मोटोजीपी दौर को सफल बनाने के लिए यूपी सरकार का पूरा समर्थन है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस भव्य आयोजन से 50,000 नौकरियों के सृजन का अनुमान है, जिसमें रेस वीकेंड के लिए 5,000 नौकरियां होंगी। भारत में ऑल-इलेक्ट्रिक MotoE सपोर्ट सीरीज़ लाने की भी योजना बन रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, "इस तरह के विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित खेल के आयोजन की मेजबानी करना उत्तर प्रदेश के लिए बहुत गर्व की बात है।" "इस आयोजन से न केवल आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को वैश्विक मंच पर भी खड़ा करेगा। हमारी सरकार इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी।

Story Loader