
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump ) भारत यात्रा पर हैं । अपनी राजकीय यात्रा के दूसरे दिन प्रेसीडेंट ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नेवी के लिए 24 MH-60R सी-हॉक हेलीकॉप्टर ( MH-60R Seahawk Helicopter ) और 6 AH-64E Apache हेलीकॉप्टर्स को खरीदने की डील साइन कर ली है। इन दोनों ही हेलीकॉप्टरों के नम पर लंबे समय से चर्चा हो रही थी लेकिन ये डील अब फाइनल हुई है। सवाल ये उठता है कि इन दोनों हेलीकॉप्टरों के भारतीय नौसेना में शामिल होने का मतलब क्या है। यानि कैसे ये भारतीय नौ सेना को और ताकतवर बनाएगा, और पड़ोसी देशों के लिए इसका क्या मतलब है। चलिए आपको बताते हैं इस हेलीकॉप्टर की कुछ खूबियों के बारे में -
ये हेलिकॉप्टर अमेरिकी नौसेना में एंटी-सबमरीन और एंटी-सरफेस वेपन के रूप में तैनात हैं। रोमियो हेलिकॉप्टरों से भारतीय फौजों की एंटी-सरफेस (जमीन) और एंटी-सबमरीन सुरक्षा क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
इन हथियारों से होगा लैस-
सिकोरस्की लॉकहेड मार्टिन द्वारा निर्मित ये एमएच-60 रोमियो सीहॉक हेलिकॉप्टर ( MH-60R Seahawk Helicopter ) हवा से समुद्र में पनडुब्बियों और पोतों पर अचूक निशाना साधने में सक्षम हैं। ये हेलीकॉप्टर दुश्मन की नावों को ट्रैक कर उनके हमलों को रोकने के लिए परिष्कृत लड़ाकू प्रणालियों- सेंसर, एंटी शिप मिसाइल, टॉरपीडो और 50 कैलिबर गन से लैस हैं।
क्षमता-
ये हेलीकॉप्टर अधिकतम 10,659 किलोग्राम वजन के साथ उड़ सकता है। इसकी टॉप स्पीड 267 किलोमीटर/घंटा है। इसकी लंबाई 19.76 मीटर है। कीमत की बात करें तो इस हेलीकॉप्टर की कीमत लगभग 28 करोड़ डॉलर है।
आपको बता दें अमेरिका के अलावा इनका इस्तेमाल रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेव, तुर्की, स्पेनिश नेवी द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।
Updated on:
25 Feb 2020 03:39 pm
Published on:
25 Feb 2020 03:33 pm

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