
अक्षय नवमी तिथि पर 14 कोसी परिक्रमा शुरू, सरयू में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
अयोध्या. रामनगरी अयोध्या में कड़ी सुरक्षा के बीच कार्तिक पूर्णिमा की अक्षय नवमी तिथि पर लाखों श्रद्धालु 14 कोसी परिक्रमा शुरू हो गई। अयोध्या के 42 किलोमीटर की परिक्रमा यात्रा भजन कीर्तन करते हुए श्रद्धालु नगें पाव शुरू की। अयोध्या की परिक्रमा में शामिल होने के लिए देश के कई राज्यों से बड़ी तादाद में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा के साथ कार्तिक मेला प्रारम्भ हुआ। अक्षय नवमीं से लेकर अमवस्या तक यह मेला चलेगा जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं। सुबह से ही पवित्र सई नदी में स्नान कर लाखों श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक अक्षय नवमीं पर भगवान श्रीराम की नगरी की परिक्रमा करने से सभी पाप धुल जाते हैं और कभी भी अपने दुश्मनों से पराजय नहीं होती है इसी मान्यता के साथ देश भर से 10 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा कर रहे हैं।
इस परिक्रमा को लेकर आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि अक्षय नवमी पर 14 कोसी परिक्रमा होती है और अक्षर का अर्थ होता है जो कभी क्षय नहीं होता और किए गए कर्म कभी नष्ट नहीं होते हैं। अक्षय नवमी के दिन देशभर में जहां भी तीर्थ स्थान हो उस स्थान की परिक्रमा करनी चाहिए। वहीं बताया परिक्रमा करने से मानव को धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी लाभदाई होता है। अयोध्या में जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु व रामभक्त अयोध्या पहुंचे हैं वहीं अयोध्या की सुरक्षा को लेकर भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। परिक्रमा मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की तो वहीं अयोध्या में सरयू स्नान कर प्रमुख मंदिरों में पूजन पाठ के लिए भी सुरक्षा लगाई गई हैं और हर आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है जिससे किसी भी प्रकार का अयोध्या का माहौल खराब न किया जा सके।
वहीं 14 कोसी परिक्रमा के दौरान जब रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास और बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी दोनों साथ-साथ परिक्रमा करने वाले लोगों के बीच आए और लोगों से उनका हालचाल पूछा और साथ ही साथ इस बात का भरोसा दिलाया कि अयोध्या में सब कुछ ठीक है और जो भी फैसला आए उसको शांति और सौहार्द के साथ लोगों को स्वीकार करना चाहिए इस दौरान कुछ लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए और इकबाल अंसारी से राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग भी मांगा लेकिन इकबाल अंसारी ने लोगों को सौहार्द के साथ आने वाले फैसले का इंतजार करने और आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील की। इस दौरान बाबरी मस्जिद मुद्दई इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या में जो भी हमारे भाई आए हुए हैं मैं एक संदेश देना चाहता हूं कि अयोध्या आए और दर्शन पूजन करें यहां कोई ऐसी बात नहीं है हम लोग हो, साधु- संत हो या गृहस्थ हो सभी लोग मिल जुल कर रहते हैं।
अयोध्या बिल्कुल शांत
रामलला मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि देशवासियों से यह कहना चाहता हूं कि हम दोनों भाई जहां खड़े हैं यह बाबरी मस्जिद के पक्षकार है और मैं रामलला का मुख्य पुजारी हूं अयोध्या पूरी तरह शांत है और प्रशासनिक व्यवस्था इतनी चुस्त-दुरुस्त है कि विरोधियों या आतंकवादियों के रूप में एक पक्षी भी नहीं उड़ सकता। ऐसी स्थिति में मैं अयोध्या वासियों से कहना चाहता हूं कि आइए और शांतिपूर्वक अयोध्या का दर्शन कीजिए और परिक्रमा करिए यहां कोई परेशानी नहीं है जो लोग भ्रम फैला रहे हैं या भय और अफवाह फैला रहे हैं उस पर ध्यान ना दीजिए अयोध्या बिल्कुल शांत है।
व्यवस्था को लेकर विधायक ने जताई नाराजगी
भाजपा एमएलए वेद प्रकाश गुप्ता ने सुबह नंगे पांव पैदल चलकर चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अपर जिला अधिकारी नगर, नगर आयुक्त व लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। निरीक्षण में व्यवस्था खराब मिलने पर विधायक गुप्ता नाराज भी दिखे। सड़कों के बगल गढ्ढे, नाले व पुलों की जर्जर व्यवस्था व परिक्रमा मार्ग पर बालू की कमी मिली।
स्नान का समय
- कार्तिक पूर्णिमा मेला 14 कोसी परिक्रमा
- 6 नवंबर प्रातः 7:49 तक चलेगी।
- 7 नवंबर को पंचकोसी परिक्रमा होगी।
- पंचकोसी परिक्रमा 7 नवंबर को प्रातः 9:47 बजे से
- 8 नवंबर दोपहर 11:56 तक चलेगी।
- कार्तिक पूर्णिमा का स्नान 11 नवंबर से होगा।
- 11 नवंबर को शाम 5:34 से 12 नवंबर को शाम 6:42 तक पूर्णिमा का स्नान होगा।
Published on:
05 Nov 2019 03:47 pm
बड़ी खबरें
View Allअयोध्या
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
