
2000 वर्ष पुरानी है राम जन्मभूमि परिसर में मिले प्राचीन अवशेष - संत
सत्य प्रकाश
अयोध्या : राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण के लिए चल रहे समतलीकरण कार्य के दौरान हजारों वर्षों पुरानी मंदिर के अवशेष प्राप्त हुए हैं जिसमें देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां,पुष्प कलश,अम्लक,दोरजाम्ब आदि कलाकृतियां,मेहराब के पत्थर,7 ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ व 6 रेड सैंड स्टोन के स्तंभ और 5 फुट आकार के नक्काशीयुक्त शिवलिंग की आकृति है। और जल्द ही प्राप्त अवशेषों को संग्रहालय में रखे जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने परिसर में भव्य मंदिर निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है,जिसके लिए कोरोना महामारी के बीच घोषित लाक डाउन का पालन करते हुए विराजमान राम लला स्थल से भगवान् के विग्रहों को मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में स्थानांतरित किया गया था और अब उस स्थल पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट समतलीकरण का कार्य करा रहा है,जिसमें बड़ी संख्या में जमीदोज किये गए मंदिर के अवशेष प्राप्त हो रहे हैं,जो विवादित स्थल के नीचे मंदिर होने के प्रमाण को और मजबूत कर रहे हैं,साथ ही प्राप्त हो रहे सभी अवशेष पुरातात्विक महत्त्व के भी हैं |लगातार प्राप्त हो रहे मंदिर के अवशेष पर संत समाज ने प्रशन्नता व्यक्त कटे हुए कहा है कि आज हमारा विवादित स्थल के नीचे मंदिर होने का दावा सच साबित हो रहा है।
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि पहले से ही भगवान श्री राम का भव्य मंदिर उस स्थान पर था इसका प्रमाण था मंदिर तोड़कर मस्जिद कुछ आतंकियों ने कराया था जिसका प्रमाण बराबर मिल रहा है मिले अवशेषों से लगता है कि आप बहुत बड़ा विशाल मंदिर था अभी और भी तमाम अवशेष नीचे मिलेंगे कोई संशय नहीं है। इन अवशेषों को देख राम मंदिर की याद दिलाने के लिए इन अवशेषों के लिए एक संग्रहालय बने।
रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी अचार सत्येंद्र दास इस प्राप्त अवशेषों को लेकर देखते हुए बताया कि या अवशेष 2000 वर्ष पुराने हो सकते हैं इन पर जिस प्रकार से भगवान की प्रतिमा का स्वरूप, चक्र, तीर, धनुष शिवलिंग स्तंभ पर विभिन्न आकृतियां बनी हुई है इससे यहां सिद्ध होता है कि इस स्थल पर मंदिर को तोड़ा गया था आज उस स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण होने जा रहा है।
हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास ने बताया कि पिछले कई दिनों से राम मंदिर निर्माण के लिए चल रहे समतलीकरण का कार्य में विभिन्न प्रकार के अवशेष मिले हैं जिसमें कसौटी दार खंबे चक्र धनुष बने स्तंभ टूटी फूटी प्रतिमाएं यह सभी इस बात को स्पष्ट करते हैं किया स्थान भगवान श्रीराम का जन्म स्थान है और यहां पर 2000 वर्ष पूर्व महाराजा विक्रमादित्य ने मंदिर का निर्माण कराया था जिसे कुछ विदेशी आक्रांता ने आकर तोड़कर मस्जिद का आकार दिया गया था ।
Published on:
21 May 2020 03:45 pm
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