Ayodhya News: राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आगे कहा, एक बार फिर राम मंदिर ट्रस्ट ने साफ कर दिया है कि जनवरी 2024 में रामलला के गर्भ गृह में उनकी प्राण प्रतिष्ठा हो जाएगी।
Ayodhya News: रामलला की मूर्ति को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। मंदिर के गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठित होने वाले रामलला की मूर्ति का निर्माण पूजन अर्चन के बाद शुरू हो गया है। रामलला की 3 मूर्तियां बनाई जा रही हैं, जिसमें दो कर्नाटक के मूर्तिकार तैयार कर रहे हैं।
भारत के इस शहर से आए हैं पत्थर
बता दें, यह पत्थर भी कर्नाटक से आए हैं, जबकि एक मूर्ति राजस्थान के पत्थरों से वहीं के मूर्तिकार तैयार कर रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, “दिसंबर तक रामलला के मंदिर का प्रथम फ्लोर बनकर तैयार हो जाएगा और उसकी फिशिंग भी हो जाएगी।”
15 जनवरी 2024 से शुरू हो जाएगी प्राण प्रतिष्ठा
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आगे कहा, एक बार फिर राम मंदिर ट्रस्ट ने साफ कर दिया है कि जनवरी 2024 में रामलला के गर्भ गृह में उनकी प्राण प्रतिष्ठा हो जाएगी। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम मकर संक्रांति यानि 15 जनवरी 2024 से शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा, “प्रथम तल तैयार होने के बाद दूसरे और तीसरे तल के लिए काम लगातार चलता रहेगा और इसमें किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी। ग्राउंड फ्लोर पर गर्भगृह तक पहुंचने के लिए कुल 34 सीढ़ियां होंगी हालांकि, बुजुर्गों की सुविधा के लिए लिफ्ट की भी व्यवस्था मंदिर में होगी।”
तीन मूर्तियां हो रही हैं तैयार
बता दें, मंदिर के गर्भगृह में पूजा करने के लिए तीन मूर्तियां बनाई जा रही हैं। इनमें से एक मूर्ति कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार डॉ गणेश भट्ट और उनके शिष्य विपिन भदोरिया बना रहे है। ये मूर्तिकार कर्नाटक से आए पत्थर से ही रामलला की मूर्ति बना रहे हैं।
वहीं, दूसरी मूर्ति का निर्माण भी कर्नाटक के पत्थर से ही हो रहा है जो जाने-माने मूर्तिकार अरुण योगिराज तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा रामलला की तीसरी मूर्ति राजस्थान के पत्थरों से बन रही है। जिसको जयपुर के मूर्तिकार सत्यनारायण पांडे और उनके बेटे तैयार कर रहे हैं।
अलग-अलग पत्थरों पर मूर्ति बनाई जा रही है
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, “रामलला की मूर्ति का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। अलग-अलग पत्थरों पर मूर्ति बनाई जा रही है। दो मूर्तियां कर्नाटक के पत्थर से बन रही है और एक मूर्ति मकराना के क्लास वन क्वालिटी के मार्बल से बनाई जा रही है। तीनों मूर्तियां अयोध्या में ही बनाई जा रही हैं। तीनों लोगों ने अपना अलग-अलग पूजन किया है। निर्धारित समय में ये मूर्तियां बनकर तैयार हो जाएंगी।”