अयोध्या ( Ayodhya ) शहर के अमानीगंज ( Amaniganj ) इलाके में स्थित पठान टोला में रहने वाले आशीष कुमार की डेढ़ साल की बेटी आरोही का स्वास्थ्य खराब था और उसके शरीर में खून की बहुत कमी थी | डॉक्टरों ने आरोही को बी नेगेटिव खून ( B Negetive Blood ) की सख्त जरूरत बताई ऐसा ना होने पर बच्ची की जान खतरे में पड़ सकती थी | आपको बता दें कि बी नेगेटिव ब्लड ग्रुप आमतौर पर उपलब्ध नहीं होता है |आरोही के पिता इस ब्लड ग्रुप की तलाश कर हार चुके थे और अब भगवान से ही प्रार्थना कर रहे थे | जिसके बाद स्मार्ट पुलिस ऐप ( Smart Police App ) के जरिये जब इसकी जानकारी इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार यादव को हुई तो उन्होंने तत्काल रक्तदान के लिए हामी भर दी और ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान किया | इसके बाद यह रक्त मासूम बच्ची को चढ़ाया गया और उसकी जान बच गई |