
अयोध्या नगर निगम में शामिल 41 गांव में विकास कागजों में दर्ज
2017 में योगी सरकार बनने के बाद 2018 में अयोध्या को नगर निगम का दर्जा दिया गया इसके बाद 2019 में नगर निगम के विस्तार में 41 गांव को भी शामिल किया गया। जिनका विकास को नगर निगम के द्वारा किया जाना था। लेकिन पिछले 3 वर्षों से इन गांवों का विकास सिर्फ कागजों में हीं सिमट कर रह गया। यही नहीं इन गांव में ग्राम पंचायत निधि से मिलने वाली सुविधाएं भी ठप हो गई।
गांव के विकास में बीत गए 3 वर्ष
नगर निगम आने के बाद एक लाख से अधिक आबादी शहर तो हो गई। लेकिन इन्हें ना तो ग्रामीण वाली सुविधाएं मिल रही है। और ना ही शहरी जैसी मूलभूत सुविधाएं ऐसे में नगर निगम में शामिल गांवों की हालत ना घर के ना घाट के रहने वाली कहावत जैसे हो गई है। जो गांव से बिल्कुल सकते हैं। वहां तो कुछ सड़कें बन रही है। लेकिन जो गांव 8 से 10 किलोमीटर दूर स्थित हैं। वहां अभी कोई कार्य नहीं हो पाया है। हालांकि शासन ने नगर सृजन योजना के तहत नगर निगम में शामिल 41 गांव के विकास के कार्यों के लिए 49 करोड़ को आवंटित किया था। लेकिन अब तक कोई कार्य कार्य नहीं हो सका।
41 गांव के विकास में मिली 49 करोड़ की स्वीकृति
अयोध्या नगर निगम के निर्माण मुख्य अभियंता कमलजीत सिंह बताते हैं कि नगर निगम में शामिल 41 गांव को मुख्यमंत्री नगर सृजन के तहत कार्य कराए जाने टेंडर कराया जा चुका है। 49 करोड़ प्राप्त हैं शासन को कार्यों का जो प्रस्ताव भेजा गया था और मैं कुछ परियोजना की स्वीकृति भी आ गई है और अभी कुछ कार्यों की स्वीकृति मिलनी बाकी है फिर वहां सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।
Published on:
28 Dec 2022 12:12 pm
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