अयोध्या में दो अलग-अलग स्थानों से सैकड़ों की संख्या में मखौड़ा धाम पहुंचे थे साधु संत आज सुबह विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन के बाद 84 कोसी परिक्रमा पर हुए हैं रवाना
अयोध्या. दिल्ली में हनुमान जयंती को लेकर निकाली गई शोभायात्रा पर हमले के बाद अब यूपी के सभी धार्मिक आयोजनों व धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा को बढ़ा दिया है तो वही आज मखौड़ा धाम से सैकड़ों की संख्या में 84 कोसी परिक्रमा पर रवाना हुए साधु संतों के सुरक्षा की मांग उठाई गई है। विश्व हिंदू परिषद के जिस हनुमान मंडल के बैनर तले निकाली गई यात्रा के संयोजक सुरेंद्र कुमार ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि आज यह यात्रा पहले पड़ाव बस्ती जनपद के रामपुर में हुई है लेकिन इस दौरान हम सभी संतो की सुरक्षा राम के भरोसे है वही कहा है कि जहां पूरे देश में अराजकता का माहौल खड़ा हो रहा है हिंदुओं के धार्मिक आयोजनों पर हमले हो रहे हैं ऐसे में हम लोगों की सुरक्षा नहीं दिखाई दे रही।
पांच जनपद लगभग 110 गांव से होकर गुजरेगी 84 कोसी परिक्रमा यात्रा
दरसल अयोध्या में कल दो अलग अलग गुटो में सैकड़ों की संख्या में अयोध्या से 84 कोसी परिक्रमा यात्रा के लिए संतों का जत्था रवाना हुआ था। और आज मखौड़ा धाम पर विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन के बाद इस यात्रा को प्रारंभ किया गया है यह यात्रा 23 दिन में 5 जनपदों से होकर लगभग 110 गांव से गुजरती है। इस दौरान रजवापुर रामगढ़खास ,छावनी रामरेखा, देवकली हनुमान मंदिर विशेषरगंज हनुमानबाग बस्ती से सरयू पारकर अयोध्या के शेरवाघाट श्रृंगीश्रृषि आश्रम महबूब गंज गोसाईगंज टिकरी तारून रामपुर भगन सूर्यकुंड दराब गंज हेमा सराय आस्तिकन अमानी गंज रौजागांव पटरंगा से बाराबंकी जनपद के बेलखरा मे प्रवेश करेगी यंहा से गोंडा जनपद के देवीगंज दुलारेगंज जम्मूदीप ,भौरीगंज राजा पुर पस्का (संत तुलसीदास की जन्मभूमि) बखरिया,उमरी डिक्सिर अमदही जमदग्नि आश्रम तुलसीपुर नवाब गंज से जनपद बस्ती मे पुनः वापसी रेहली ,सिकंदरपुर होते हुये पुनः मखौड़ा धाम पहुंचेगी जिसके बाद यह यात्रा सरयू तट पर 1 दिन के विश्राम के पश्चात प्राचीन स्थली सीता कुंंड पर इस यात्रा का समापन होगा।
84 कोसी परिक्रमा कर रहे संतों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी
अयोध्या के राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने भी परिक्रमा करने वाले साधु संतों की सुरक्षा को लेकर योगी आदित्यनाथ से मांग की है। जितने भी धार्मिक स्थल है वह सभी संवेदनशील हैं चाहे वह परिक्रमा हो या धार्मिक यात्रा इसके लिए सरकारों की जिम्मेदारी बनती है कि इस यात्रा में किसी प्रकार से लोग उपद्रव ना कर सके। इसलिए जिस प्रकार से दिल्ली में प्रसिद्ध हनुमान जी के मंदिर से हनुमान जयंती के अवसर पर शोभा यात्रा निकाली गई लेकिन कुछ उपद्रवियों के द्वारा उस पर पथराव किया गया वह बहुत ही दुखद है यह पूरी जिम्मेदारी सरकार की बनती है कि जो लोग इस प्रकार से उपद्रव को करने का प्रयास किए हैं उन्हें कठोर से कठोर दंड मिले जिससे इस प्रकार से दोबारा दुस्साहस करने की साहस ना हो। वही कहा कि इस 84 कोसी परिक्रमा यात्रा के दौरान कई विरान क्षेत्र भी पढ़ते हैं इसलिए इस यात्रा पर सरकार को दृष्टि रखनी चाहिए और क्योंकि उपद्रवी का यही उद्देश्य है किसी प्रकार के हिंदुओं के धार्मिक आयोजन ना पूरा किया जा सके इसलिए जो भी जुलूस या कार्यक्रम हो रहे उस पर पत्थर बाजी किया जा रहा है। सरकार को चाहिए कि पूरी सुरक्षा के साथ इस 84 कोसी परिक्रमा सुरक्षा के बीच सम्पन्न कराएं। जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना ना घटे।