10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

जानिेए अयाेध्या में किसने निकाला पूजन का मुर्हूत, कौन हैं यजमान और कैसे होगी पूजा

कर्नाटक के विजयेंद्र ने निकाला राम मंदिर 'भूमि पूजन' का शुभ मुहूर्त काशी और अयोध्या के विद्धतजन कराएंगे पूजा  

2 min read
Google source verification
ayodhya_1.jpg

ram mandir

पत्रिका न्यूज नेटवर्क। अयोध्या ( Ayodhya ) में श्री राम मंदिर ( Ram Mandir ) निर्माण के 'भूमि पूजन' का शुभ समय और शुभ मुहूर्त ( shubh muhurt ) 75 वर्षीय पुजारी एनआर विजयेंद्र शर्मा ने निकाला है। यह कर्नाटक के बेलगावी के शास्त्री नगर में रहते हैं। विजयेंद्र पिछले कई वर्षों से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। इस वर्ष फरवरी में, उन्हें ट्रस्ट द्वारा मंदिर निर्माण कार्य के शुभारंभ के लिए उपयुक्त समय की गणना करने और सूचित करने के लिए कहा गया था। इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के एक सदस्य के मुताबिक 'मुहूर्त' तय करने वाले पुजारी को धमकियां मिली हैं। बताया जाता है कि एक कॉलर ने उनसे पूछा कि उन्होंने 'भूमिपूजन' की तारीख क्यों निर्धारित की है। 'उसने कहा' 'आप इन सब में क्यों पडऩा चाहते हैं?' शर्मा को अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। बहरहाल उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। उनके आवास पर पुलिस की तैनाती कर दी गई है।


तीन मुख्य पूजा और तीन यजमान
सोमवार को सबसे पहले गणेशपूजा और भगवान राम व सीता की कुलदेवी की पूजा हुई थी। इसके यजमान अयोध्या राजपरिवार विमलेंद्र मोहन मिश्र थे। संकल्प के रूप में इन्होंने इस मौके पर एक करोड़ की राशि मंदिर ट्रस्ट को दान में सौंपी थी।

मंगलवार को हनुमानगढ़ी के निशान की पूजा हुई। इसके पहले रामार्चा पूजा में राम के चरित्र का पूजन हुआ। साथ ही देवी सरयू का भी पूजन किया गया। इसके यजमान अयोध्या के भाजपा महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा और उनकी पत्नी थीं। उन्होंने भी राममंदिर निर्माण के लिए गुप्तदान किया।
बुधवार को नींव पूजन और मंदिर निर्माण की मुख्य पूजा होनी है। इस पूजन समारोह के यजमान उदयपुर के सलिल सिंघल हैं। यह राममंदिर आंदोलन के प्रमुख प्रणेता और विहिप के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल के भतीजे हैं। यह राममंदिर निर्माण के लिए कितने का दान करेंगे अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है।

काशी और अयोध्या के विद्धतजन कराएंगे पूजा
बुधवार को राामजन्मभूमि परिसर में नींव की पूजा का शुभ मुहूर्त सिर्फ 32 सेंकेड का है। यह मध्याह 12 बजकर 44 मिनट आठ सेकेंड से लेकर 12 बजकर 44 मिनट 40 सेकेंड के बीच है। षोडश वरदानुसार 15 वरद में ग्रह स्थितियों का संचरण शुभ और अनुकूलता प्रदान करने वाला है। छह तरह के विशिष्ट नींव पूजन को काशी और अयोध्या के 21 पुजारी मिलकर संपन्न कराएंगे।

पूजन सामग्री में 40 किग्रा चांदी की शिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नींव के पूजन में 40 किग्रा की चांदी की शिला रखेंगे। इसके साथ पूर्व में पूजित नौ शिलाएं भी नींव में रखी जाएंगी। नींव में पीतल की नाग-नागिन का जोड़ा, नौ रत्न, देशभर की नदियों से लाया गया जल, तीर्थ स्थलों की मिट्टी, बलिदानियों के स्मृति स्थल की मिट्टी भी डाली जाएगी।