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एक्सक्लूसिव : जानिये 5 जुलाई को रामलला ने आतंकियों को कैसे दिखाया था चमत्कार

11 साल पहले राम की नगरी अयोध्या में 5 जुलाई को हुए फिदायीन हमले। कुछ ऐसा हुआ जिसने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कहीं ना कहीं ईश्वरीय शक्ति भी मौजूद है, जो समय-समय पर अपना प्रभाव दिखाती है।

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Ashish Kumar Pandey

Jul 06, 2016

Ram Mandir

Ram Mandir

अयोध्या.
धार्मिक आस्था और विज्ञान के बीच हमेशा तर्क होते रहे हैं। धर्म पर विश्वास करने वाले लोग हमेशा ईश्वरीय शक्ति के होने का दावा करते रहे हैं, लेकिन विज्ञान ने हमेशा इस बात का सबूत मांगा है। लेकिन आज से 11 साल पहले राम की नगरी अयोध्या में 5 जुलाई मंगलवार के दिन हुए फिदायीन हमले कुछ ऐसा हुआ जिसने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कहीं ना कहीं ईश्वरीय शक्ति भी मौजूद है, जो समय-समय पर अपना प्रभाव दिखाती है। भले ही इंसान उसे ना समझ सके।


राम की नगरी अयोध्या के लोग इसे भगवान राम का चमत्कार ही मानते हैं कि जब फिदायीन हमले की सोच लेकर आए 5 आतंकी अंधाधुंध गोलियां बरसा रहे थे और हाथों से हैंड ग्रेनेड और बम फेंक रहे थे, उस दौरान दर्जनों की संख्या में फेंके गए हैंड ग्रेनेड और बमों में से एक भी हैंड ग्रेनेड मौके पर नहीं फटा, जिसके चलते ना सिर्फ परिसर में मौजूद हर सुरक्षाकर्मी की रक्षा हुई बल्कि आतंकी भी अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके। वारदात के समय न सिर्फ पुलिस विभाग के अधिकारियों ने इसे प्रभु राम का चमत्कार माना बल्कि अयोध्या के लोगों मैं भी अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा और बढ़ गई।



रामलला के मंदिर पर फेंका गया था बम, लेकिन फटने की जगह हो गया बेकार


5 जुलाई 2005 को जब अयोध्या में आधुनिक हथियारों से लैस आतंकियों ने रामलला के अस्थाई मंदिर पर हमला किया तो उस समय सुरक्षा में मौजूद अधिकारियों को भी लगा की आज एक बड़ी तबाही हो सकती है। आतंकवादी मंदिर परिसर के पीछे बनी झाड़ियों के जरिए लगातार गोलियां चलाते हुए और अपने बैग में रखे हुए हैंड ग्रेनेड फेंकते हुए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन आतंकियों का सामना करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए भी यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि आतंकी लगातार हैंड ग्रेनेड फेंक रहे थे और कोई भी हैंड ग्रेनेट फट नहीं रहा था और करीब घंटे भर चली मुठभेड़ में सारे आतंकी मारे गए और जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास मौजूद बैग में भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार गोला बारूद बरामद हुए थे।


इस बात की पुष्टि उस वक्त के तत्कालीन डीजीसी क्रिमिनल ओपी सिन्हा ने भी की। पत्रिका से बात करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि यह बेहद चौकाने वाला सत्य है कि रामलला पर आतंकी हमले की वारदात के समय फेंके गए तमाम हैंड ग्रेनेड और विस्फोटक फटे ही नहीं यहां तक कि रामलला के अस्थाई मंदिर पर फेंका गया बम फटा नहीं, बल्कि अपने आप डिफ्यूज हो गया। इस घटना को देखकर सभी अधिकारी भी आश्चर्यचकित थे।


महीनों तक परिसर की झाड़ियों में पुलिसकर्मियों को पड़े मिले थे हैंड ग्रेनेड


आपको बता दें कि आतंकियों ने जिस स्थान पर खड़े होकर रामलला के अस्थाई मंदिर को अपना निशाना बनाने की कोशिश की थी। वह स्थान चारों तरफ से जंगली झाड़ियों से घिरा हुआ था और अपने मकसद को पूरा करने के लिए आतंकी अंधाधुंध तरीके से हथगोले और बम फेंक रहे थे। सुरक्षाकर्मियों और आतंकियों के बीच चली मुठभेड़ में आतंकियों के मारे जाने के बाद पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर आतंकियों के सारे हथियार और बम बरामद कर लिए थे, लेकिन जंगल झाड़ी होने के कारण कई हैंड ग्रेनेड महीनों बाद राम जन्मभूमि परिसर के अंदर मौजूद झाड़ियों से बरामद किए गए। यह राम लला का चमत्कार ही था कि महीनो पड़े होने के बावजूद भी बम नहीं फटे और परिसर में सुरक्षा कर रहे सुरक्षाकर्मियों के जीवन की रक्षा हुई।