राम जन्मभूमि परिसर में भगवान श्रीरामलला को विराजमान कराए जाने की तैयारी शुरू गई है। मकर संक्रांति 2024 में भगवान अपने मूल गर्भगृह में दर्शन देंगे।
राम मंदिर में भगवान श्रीरामलला के विराजमान कराए जाने को लेकर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने जानकारी दी है। 1 जनवरी से रामलला को मूल गर्भगृह में विराजमान कराएंगे। अभी 11 महीने औए भक्तों को इंतजार करना होगा।
मंदिर निर्माण में 60% काम पूरा
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। मंदिर के गर्भगृह सहित रंग-मंडप, नृत्य मंडप, गुंड मंडप और गर्मगृह के उत्तर और दक्षिण दिशा में कीर्तन मंडप बनाये जाने का काम चल रहा है।
इसका लगभग 60% कार्य पूरा हो चुका है। अगले वर्ष मकर संक्रांति पर भगवान श्रीरामलला गर्भ गृह में विराजमान हो जाएंगे। उसके बाद पडने वाले सभी उत्सव बेहद रूप में मनाया जाएगा।
आखिरी बार अस्थाई मंदिर में होगा कई अयोजन
आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि इस वर्ष मनाया जा रहा उत्सव अस्थाई मंदिर में अंतिम है। क्योंकि यह निश्चित है कि अगले मकर संक्रांति के बाद भगवान रामलला अपने भव्य दिव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। इसलिए यही कहा जाता है कि अब जितने भी उत्सव अस्थाई मंदिर में है वह अंतिम उत्सव होंगे।
इस वर्ष दीपावली के बाद होने वाले संक्रांति से जो भी उत्सव आएंगे वह भव्य राम मंदिर में होगा। उस समय भगवान श्रीरामलला अपने भव्य दिव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे।
495 वर्ष के बाद अयोध्या में बदलेगा इतिहास
495 वर्ष की बाद तमाम उथल-पुथल और परिवर्तन होते होते वह समय तक आया जब 23 दिसंबर 1949 को भगवान रामलला अपने उस विवादित ढांचा में विराजमान हुए। तब से कुछ वर्षों तक विवादित ढांचा में रामलला विराजमान हुए।
अस्थाई मंदिर में हो रहा अंतिम उत्सव
6 दिसंबर 1992 को ढांचा गिरा, उसके बाद 28 वर्ष तक रामलला त्रिपाल में रहे। जहां पर भी उत्सव मनाया गया। जिसके बाद 9 नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 3 वर्ष हो गया । जहां भगवान अपने अस्थाई मंदिर विराजमान हैं। इस अस्थाई मंदिर में होने वाले उत्सव अंतिम उत्सव के रूप में होगा।