
mandir masjid vivad
अयोध्या. धार्मिक नगरी अयोध्या में मंदिर-मस्जिद विवाद को लेकर आज Supreme Court में सुनवाई की जा रही है। इस सुनवाई में कई आहम बातें रखी जाएगी जिसमें महीनों से चल रहे आपसी सुलह समझौते व शिया बोर्ड के द्वारा दिए गए हलफनामा पर भी बातें होनी है।
सन् 1992 में गिराए गए विवादित ढांचे को लेकर लोवर कोर्ट से यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। 2010 में हाई कोर्ट के द्वारा दिए गए फैसले जिसमें अधिग्रहित भूमि को तीन हिस्से में बांटे जाने को लेकर सभी पक्षकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे। सुप्रीम कोर्ट में हो रहे आज की सुनवाई को लेकर मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने पत्रिका टीम से बात करते हुए बताया कि आज से शुरू होने वाली सुनवाई यह सिर्फ तीन दिन ही चलेगा उसके बाद यह कोर्ट बंद हो जायेगा। पुनः जनवरी में सुनवाई शुरू होगी और हमें लगता है, जनवरी में लगातार होनी है। 6 दिसंबर को हर वर्ष की तरह कार्यक्रम किया जायेगा क्योंकि इस दिन ही बाबरी मस्जिद शहीद हुई थी और हम लोग इस दिन गम का दिन मानते है। हम यह मांग करेंगे कि जहां पर मस्जिद थी उस स्थान पर मस्जिद बन जाए।
मुस्लिम पक्षकार में मुद्दई बने इकबाल अंसारी ने कहा कि आज से शुरू हो रहे सुनवाई को लेकर हम लोग पूरी उम्मीद लगाये हुए है कि फैसला हमारे पक्ष में होगा क्योकि यह विवाद 70 साल से चल रहा है।
उन्होंने बताया कि इतिहास में कोई रिकॉर्ड नहीं है की मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनाई गई है। क्योकि हमारे कुरान में किसी मजहब को नुकसान पहुंचना नहीं है। हम दावा करते है कि मंदिर तोड़ने का कोई रिपोर्ट दर्ज हो लेकिन हमारे पास सबूत है कि 1992 में Babri Masjid तोड़ी है।लोगों ने रेडियो और टेलीविजन के माध्यम से पूरी दुनिया को दिखा कर तोड़ा है। तथा जिन लोगों ने यह कार्य किया था उसे सजा भी मिली है। हम यही चाहते है कि जिस प्रकार मस्जिद तोड़ी गई है उसी प्रकार मस्जिद पुनः बनाई जाए। यह उम्मीद रखते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारे हक में आयेगा।
Updated on:
05 Dec 2017 04:14 pm
Published on:
05 Dec 2017 10:50 am
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