
Rammandir
Ayodhya Ram Nagari: बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने राम मंदिर के गर्भगृह की छत का वीडियो जारी किया। इसमें दिख रहा है कि रामलला का गर्भगृह बनकर तैयार हो चुका है। गर्भगृह की दीवारों पर भव्य नक्काशी की गई है। गर्भगृह की छत के बीच बनी नक्काशी के नीचे सिंहासन पर रामलला विराजमान होंगे। जहां रामलला विराजमान होंगे, वहां इस समय झंडा दिख रहा है। मंदिर निर्माण में राजस्थान और कर्नाटक के पत्थर लगाए जा रहे हैं। डिजाइन के लिए पिंक सैंड स्टोन लगाए गए हैं। मंदिर के गर्भगृह की दीवार और छत बन चुकी है। फर्श और बाहर का काम बाकी है। ग्राउंड फ्लोर में 166 खंभों पर मूर्तियों को उकेरने का काम चल रहा है। मंदिर के गर्भगृह में लगे 6 खंभे सफेद संगमरमर के हैं, जबकि बाहरी खंभे पिंक सैंडस्टोन से बनाए गए हैं। राम मंदिर डूबते सूरज की रोशनी में दिव्य आभा बिखेर रहा है।
साल 2024 में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को राम नवमी के दिन भगवान का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। राम जन्म के समय ठीक दोपहर 12:00 बजे सूर्य की किरणें कुछ देर के लिए रामलला की मूर्ति पर पड़ेंगीं। इससे जन्म के समय रामलला का दर्शन बहुत ही दिव्य और भव्य होगा। खगोल शास्त्र के लोग इसे लेकर काम कर रहे हैं। भगवान श्री राम के जन्म के समय बहुत तेज धूप होती है। इसके साथ मंद, शीतल हवाएं सरयू के जल को स्पर्श करते हुए भगवान के पास पहुंचती हैं। सरयू में लहरें तेज हो जाती हैं। राम मंदिर ट्र्स्ट के चंपत राय ने बताया, ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के बाद भक्तों की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर और आसपास यात्री सुविधाओं का निर्माण शुरू कर दिया है। इसमें होटल, रेस्त्रां, डॉरमेट्री और धर्मशाला बनाई जाएगी। 25 हजार यात्रियों के ठहरने और सुविधाओं से जुड़े केंद्र का निर्माण चल रहा है। रामलला तक पहुंचने के लिए 700 मीटर लंबा रास्ता है। इस रास्ते पर फिनिशिंग चल रही है।
Published on:
17 Aug 2023 08:00 pm

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