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आज से शुरू हो गया है पित्रपक्ष लेकिन अभी नही कर सकते हैं श्राद्ध कर्म जानिये क्या है कारण

9 सितम्बर को दोपहर 1 बजकर 9 मिनट के बाद से शुरू होंगे पितृ पक्ष के कर्मकांड

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pitru paksha 2017 Date And Time Latest News In Hindi

अयोध्या . अपने पित्रों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने और उनकी मोक्ष की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले कर्मकांड के लिए प्रसिद्ध पितृपक्ष की शुरुआत बुधवार से हो गई है .भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के अवसर पर धार्मिक नगरी अयोध्या में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी रही और परंपरागत रूप से श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में स्नान कर अयोध्या के प्रमुख मठ मंदिरों में दर्शन और पूजन किया . इस पावन तिथि पर ब्रह्म मुहूर्त से ही सरयू नदी में स्नान के साथ प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर पर जलाभिषेक और अयोध्या के प्रसिद्ध सिद्ध पीठों में हनुमानगढ़ी कनक भवन और राम जन्मभूमि में कतारबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने दर्शन और पूजन किया . वहीं दोपहर 12:00 बजे से पितृपक्ष का समय शुरु हो गया जिसमें अपने पित्रों के आत्मा की शांति के लिए और उन्हें मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान और श्राद्धकर्म जैसे धार्मिक कर्मकांड संपूर्ण किए जाते हैं . लेकिन इस वर्ष ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के कारण पितृ पक्ष के प्रारंभिक 4 दिनों तक श्राद्ध और तर्पण कर्मकांड नहीं हो सकेंगे और 9 सितंबर को दोपहर 1:02 के बाद से ही पितृपक्ष के सभी कर्मकांड किए जा सकते हैं .


9 सितम्बर को दोपहर 1 बजकर 9 मिनट के बाद से शुरू होंगे पितृ पक्ष के कर्मकांड

अयोध्या में पुण्य सलिला सरयू नदी के किनारे धार्मिक कर्मकांड संपन्न कराने वाले घाट पुरोहित समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडे ने बताया कि भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर दोपहर 12:00 बजे से पितृ पक्ष का समय शुरु हो चुका है जिसमें यजमान अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति के लिए तर्पण और श्राद्ध जैसे कर्मकांड करते हैं . लेकिन इस वर्ष बीते 4 सितंबर को 12:बजकर 9 मिनट से पंचख नक्षत्र लग जाने के कारण पितृपक्ष प्रारंभ होने के बावजूद भी श्राद्ध और तर्पण का क्रिया कर्म नहीं किया जा सकता .पंचख नक्षत्र श्रवण नक्षत्र से शुरू होकर रेवती नक्षत्र तक 5 दिनों तक चलेगा और 9 सितंबर को 1बजकर 9 मिनट के बाद से यजमान अपने पित्रों की आत्मा की शांति और उनके वैकुण्ठ वास के लिए श्राद्ध कर्म कर सकते हैं . पवित्र सरयू नदी के किनारे अयोध्या में इन सभी कर्मकांडों का विशेष महत्व है और लाखों की संख्या में पिंडदानी अयोध्या में अयोध्या अपने पित्रों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने और उनकी मोक्ष की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले कर्मकांड करेंगे .

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