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अनुराग मिश्रा।अयोध्या: भगवान श्रीराम जब 14 वर्ष के वनवास के बाद अवध पुरी लौटे तो उनके स्वागत में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। समस्या ये हुई कि भगवान राम का दर्शन एक साथ सब करना चाह रहे थे। ऐसे में श्रीराम ने महामाया का आह्वान किया और प्रत्येक नागरिक वह को एक साथ भगवान के अगणित रूप में दिखने लगे। सभी अयोध्यावासियों को लग रहा था कि वो सबसे पहले भगवान सीताराम से मिल रहे हैं, उनका आशीर्वाद ले रहे हैं, उनका स्वागत कर रहे हैं।
वर्तमान में 22 जनवरी के मद्देनजर भी कुछ उसी तरह का माहौल अयोध्या में बनता दिख रहा है। अयोध्या धाम की प्रमुख दीवारों पर वॉल पेंटिंग कार्यशाला, सरयू नदी के तट पर भगवान राम पर आधारित रेत शिल्प के अलावा राम बाल लीला, कलाकृतियों की प्रदर्शनी, मेंहदी एवं फूलों की वाटिका और फोटोग्राफी जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
18 जनवरी से ये कार्यक्रम पूरी गति से शुरू हो चुके हैं और प्राण प्रतिष्ठा तक और इसके बाद भी यह अनवरत जारी रहने वाले हैं। इसके चलते नगर की हर दीवार, हर अटारी, हार गुम्बद, हर गली गली में सड़क- सड़क सरयू का हर एक तट राम की छवि में समा गया है।
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की दीवार पर लगभग तीन हजार वर्गफीट, अयोध्या कलेक्ट्रेट भवन की दीवार पर लगभग 1500 वर्गफीट एवं राम की पैड़ी मार्ग पर स्थित सिंचाई विभाग के भवन की दीवार पर लगभग 1200 वर्गफीट के क्षेत्र में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लगभग 40 कलाकारों द्वारा वॉल पेंटिंग की जा रही है। इसके अलावा महर्षि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर महर्षि वाल्मीकि की ब्रांज की प्रतिमा, सूर्यकुंड पर भगवान सूर्य एवं गणेश कुंड पर भगवान गणेश की ओडिशा सैंड स्टोन की प्रतिमा की स्थापना की जा रही है।
50 कलाकार भगवान श्रीराम की अलग अलग लीलाओं का कर रहे हैं चित्रण
वहीं, 18 जनवरी से भगवान राम एवं रामचरित पर आधरित भगवान राम की बाललीला, भगवान राम की गुरुकुल लीला, हनुमान लीला, ताड़का वध, सीता स्वयंवर, राम- जटायु मिलन, हनुमान सीता मिलन जैसे विभिन्न परिदृश्यों पर चित्रकला के साथ मूर्तिकला प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, जो 26 जनवरी तक चलेगी।
इसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 50 कलाकारों द्वारा 40 चित्रों एवं 10 मूर्तियों का सृजन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के 10 जनपदों गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, बरेली और लखनऊ में भगवान श्रीराम और उनके जीवन चरित्र पर आधारित होम स्टूडियो कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला 1 फरवरी से 29 फरवरी के बीच होगी। कार्यशाला में चयनित कलाकृतियों की प्रदर्शनी का आयोजन अयोध्या धाम में किया जाएगा।
सरयू के तटों पर उकेरी उकेरी रेत शिल्प बनाएगी विश्व कीर्तिमान
नयाघाट स्थित सरयू नदी के तट पर ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय रेतशिल्प कलाकार पद्मश्री डॉ. सुदर्शन पटनायक अपने सात सहयोगी कलाकारों के साथ भगवान श्रीराम एवं रामचरित आधारित रेतशिल्प कला शिविर का आयोजन करेंगे, जिसे विश्व रिकार्ड में दर्ज कराया जाएगा।
Updated on:
18 Jan 2024 07:28 pm
Published on:
18 Jan 2024 07:26 pm
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