रामलला को मिला अधूरा इंसाफ : संत

2005 में हुए घटना के आतंकियों को कोर्ट 4 को दी आजीवन कारावास 1 को बरी करने से संत असंतुष्ट

By: Satya Prakash

Published: 18 Jun 2019, 06:50 PM IST

अयोध्या : 5 जुलाई 2005 में राम जन्मभूमि परिसर पर हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकियों को प्रयागराज के कोर्ट के विशेष पीठ द्वारा सुनाई गई सजा से अयोध्या के संत असंतुष्ट दिखे। संतो के मुताबिक रामलला पर हमला करने आतंकियों को अधूरी सजा मिली है।

अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष वह इस घटना के चश्मदीद रहे महंत कन्हैया दास ने कोर्ट के इस फैसले पर असहमति जताते हुए कहा कि रामनगर पर हुए हमला करने वालों को उम्र कैद नहीं फांसी होनी चाहिए आज अयोध्या के संत समाज इस फैसले से दुखी है आंतकवादी ओं को उम्र कैद की सजा देकर पूरे जीवन भर जेल में बैठा कर उसे खिलाना और जेल में बैठकर ऐसे लोग षड्यंत्र करते रहेंगे इससे हमेशा खतरा बना रहेगा ऐसे में कोर्ट को किसी भी प्रकार से इन लोगों के खिलाफ नरमी नहीं दिखानी चाहिए और तत्काल फांसी की सजा मिले।
साथ ही राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि देश के आतंकवादियों के लिए इतना विलंब में न्याय नहीं करना चाहिए 14 वर्ष के बाद जिस प्रकार से आज कोर्ट ने निर्णय दिया है वह उचित नहीं है इस घटना में शामिल गिरफ्तार पांचों आतंकवादियों में एक को बरी कर दिया गया और चार को उम्रकैद जो कि सही नहीं है कोर्ट को चाहिए बिना समय गवाए पांचों आतंकियों को फांसी की सजा सुनाएं ।

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