उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के द्वारा जारी किए गए लिस्ट में योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर शहर से चुनाव लड़ने का लिया गया फैसला
अयोध्या. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी की कयास पर भारतीय जनता पार्टी के द्वारा जारी किए गए पहली लिस्ट में ही साफ कर दिया गया कि योगी आदित्यनाथ अयोध्या नहीं बल्कि गोरखपुर शहर से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। जिसको लेकर अयोध्या की संतों में नाराजगी है संतो के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के अधिकारियों को यह विचार करना होगा कि अयोध्या की उत्तर प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए दिए गए फैसले पर पुनः विचार कर निर्णय ले।
अयोध्या सीट पर भाजपा का फैसला गलत
राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के मुताबिक अयोध्या आज इस स्तर पर पहचान मिली है तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कारण अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी-बड़ी सुविधाएं योगी सरकार ने अयोध्या को दी है। अयोध्या में मंदिर निर्माण की तरह सभी राजनीतिक पार्टियां अयोध्या की तरफ देख रहे हैं ऐसे में अयोध्या सीट पर किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति को लगाया जाना ही सही होगा। और पार्टी की ऐतिहासिक जीत के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या से चुनाव लड़ाया जाना चाहिए था। लेकिन भाजपा के अधिकारियों के द्वारा गए फैसले से संत समाज बहुत नाराज हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ के द्वारा अयोध्या को मिला वैभव
दशरथ गद्दी चोगुर्जी मंदिर के महंत बृजमोहन दास के मुताबिक अयोध्या के वैभव के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या सीट पर चुनाव लड़ना चाहिए भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी अयोध्या सीट को लेकर पुनः विचार करें और जल्द ही इस पर निर्णय करें वही कहा कि अयोध्या आज जिस स्थान पर विश्व में देखी जा रही है उसका श्रेय योगी आदित्यनाथ को जाता है इसलिए पूरा अधिकार है कि अयोध्या सीट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी चुनाव लड़े। और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से अपील करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ के नाम पर पुनर्विचार किया जा सकता है तो जरूर करें क्यों किया अयोध्या ही नहीं बल्कि देश के सभी राम भक्तों की आशा है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या से चुनाव लड़ते हैं तो एक मुख्यमंत्री के रूप में अयोध्या का शीर्ष नेतृत्व मिलेगा।