यह कहानी है अयोध्या के हैदरगंज मुहल्ले में अपनी मेहनत, दिमाग, हौसले के बल पर देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई मुल्कों में अपने उत्पाद के स्वाद का जादू बिखेरने वाली प्रियम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की। यहां की महिलाओं के बनाए अचार-मुरब्बे का स्वाद विदेशों तक पहुंच रहा है।
Ayodhya News: स्वयं सहायता समूह के माध्यम से संचालित की जा रही स्वरोजगारोन्मुखी योजनाओं से शहरी व ग्रामीण परिवेश में पली बढ़ी महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रही हैं और पुरुषों से कंधे से कंधा मिलकर कार्य भी कर रही हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है हैदरगंज मुहल्ले में अपनी मेहनत, दिमाग, हौसले के बल पर देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई मुल्कों में अपने उत्पाद के स्वाद का जादू बिखेरने वाली रामनगरी के प्रियम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की। यहां के महिलाओं के बनाए अचार-मुरब्बे का स्वाद विदेशों तक पहुंच रहा है। अयोध्या शहर के प्रथम स्वयं सहायता समूह की अध्यक्षा मीना गुप्ता अपनी छह-छह बेटियों के पारिवारिक कर्तव्य का निर्वाह करते हुए वे अचार, मुरब्बा, पापड़, चिप्स आदि का कुटीर उद्योग भी चला रही हैं।
इस संस्था में 12 महिलाएं काम करती हैं। कोई खड़े मसाले की सफाई करती हैं तो कोई पैकिंग, तो कोई अचार मुरब्बे आदि के कार्यों में लगी रहती हैं। इनके उत्पाद बनाने का फार्मूला कुछ ऐसा है, जिससे अनेक घरों के किचन में सुगंध बिखेरने के साथ यहां के हजारों घर इनके उत्पाद के मुरीद हो चुके है। कुछ ग्राहक दुबई, कनाडा तथा बैंकाक में भी हैं। इन मुल्कों के लोग रामनगरी से इनके मसाले मंगवाते हैं। समूह की खास बात यह है कि इन महिलाओं ने खुद को न केवल स्थापित कर रखा है, बल्कि इनके पति भी इनकी मदद करते हैं। प्रतिदिन दो से तीन हजार रुपये औसतन आय भी हो जाती है।