9 नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा राम जन्मभूमि के पक्ष में सुनाया गया था फैसला अब भव्य और दिव्य भगवान श्री राम के भक्त मंदिर का निर्माण
अयोध्या. राम नगरी अयोध्या 9 नवंबर 2019 की स्थिति को कभी भूल नहीं सकती क्योंकि आज ही के दिन मंदिर मस्जिद का विवाद समाप्त हुए आज 3 वर्ष पूरे हो रहे हैं। और आज भगवान श्री राम की भव्य मंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। दिसंबर 2023 तक भगवान के भव्य और सुंदर मंदिर निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो जाएगा और मकर संक्रांति 2024 में भगवान श्री राम लला उस स्थान पर दिव्य मंदिर के बीच विराजमान जी हो जाएंगे।
500 वर्षों के राम भक्तों की पूरी हो रही परिकल्पना
राम जन्मभूमि पर भगवान के दिव्य मंदिर की परिकल्पना आज से 500 वर्ष पूर्व लाखों भक्तों की इच्छा थी। लेकिन हिंदू मुस्लिम विवाद में राम नगरी अयोध्या भगवान श्री राम के जन्म स्थान को सुरक्षा के कड़े जंजीरों में कैद कर दिया था या इतिहास नवंबर 2019 को फिर बदला और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर राम जन्मभूमि परिसर में विराजमान भगवान श्री राम लला को आजाद कर उसी स्थान पर भव्य और दिव्य मंदिर का कार्य प्रारंभ शुरू हो गया है । और लाखों राम भक्तों का सपना पूरा होता दिखाई दे रहा है आज के इस महत्वपूर्ण तिथि को लेकर अयोध्या के लोगों में काफी उत्साह है। और इसी उत्साह को लेकर अयोध्या के साधु संत मिठाई बांटकर खुशियां मना रहे हैं
9 नवंबर को न्याय दिवस के रूप में घोषित करें सरकार
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंसाचार्य ने कहा कि 9 नवंबर 2019 को 500 वर्ष लंबे संघर्ष के बाद रामलला के पक्ष में फैसला आया था जगतगुरु ने कहा कि आप बहुत संख्यक समाज के लिए होली और दीपावली रामनवमी से भी बड़ा पर्व है जगदगुरु ने कहा कि इसीलिए हमने इसीलिए साधु-संतों श्रद्धालुओं में मिष्ठान बांटकर खुशी मनाई है परमहंस दास कहा कि आज के दिन को न्याय दिवस के रूप में हम मानते हैं श्रद्धालुओं से अपील किया कि सभी राम भक्तों 9 नवंबर को न्याय दिवस के रूप में मनाएं इसके अलावा जगत गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि हम केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि 9 नवंबर को न्याय दिवस के रूप में घोषित किया जाए।
9 नवंबर अयोध्या के लिए उत्सव का पल
रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है आज के दिन भगवान राम लला के पक्ष में फैसला आया था जिसके बाद भव्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है 9 नवंबर 2019 का दिन कभी नहीं भुला जा सकता माननीय सुप्रीम कोर्ट ने दिन प्रतिदिन सुनवाई करके तत्परता से बहुप्रतीक्षित विवाद पर फैसला दिया था कोर्ट के आदेश के पास शांतिपूर्वक ढंग से 9 नवंबर को फैसला आया और पूरे देश ने इसको स्वीकार किया 9 नवंबर 2019 ऐतिहासिक दिन है जिसे भुलाया नहीं जा सकता रामलला के प्रधान पुजारी ने कहा कि 9 नवम्बर को उत्सव के रूप में इसे मनाना चाहिए।