
जमालुद्दीन ने बताया कि मूर्तियों को फाइबर से बनाया गया है। मिट्टी की तुलना में फाइबर की मूर्तियां अधिक पंसद की जाती हैं। एक लाइफ साइट की मूर्ति तैयार करने में 2 लाख 8 हजार रुपए खर्च होते हैं। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, मूर्तियों को मोहम्मद जमालुद्दीन और उनके बेटे बिट्टू ने तैयार किया है। मोहम्मद जमालुद्दीन बंगाल के नार्थ 24 परगना के रहने वाले हैं।
राम मंदिर परिसर में लगाया जाएंगी मूर्तियां
जमालुद्दीन की बनाई मूर्तियों को राम मंदिर परिसर में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि रामलला की मूर्ति से पहले मां दुर्गा की मूर्तियां भी तैयार कर चुके हैं। पिता-पुत्र बहुत समय से से शिल्पकारी कर रह रहे हैं। जमालुद्दीन बताते हैं कि धर्म एक निजी चीज होती है। हमारे देश में कई धर्मों को मानने वाले लोग हैं। सांप्रदायिकता के समय में हम लोगों को मिलकर रहना है। मैं एक कलाकार हूं, इसलिए भाईचारे की संस्कृति मेरा संदेश है। वो सालों से कई हिंदू देवी देवताओं की फाइबर की मूर्तियां तैयार कर रहे हैं।
30 से 35 लोग मिलकर तैयार करते हैं एक मूर्ति
जमालुद्दीन के बेटे बिट्टू ने बताया कि 30 से 35 लोग मिलकर एक मूर्ति तैयार करते हैं। डेढ़ महीने का लगभग समय लगता है। यूपी तक इन प्रतिमाओं को जाने में 45 दिनों का समय लग सकता है। अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को मंदिर का उद्घाटन होगा।
Published on:
15 Dec 2023 01:14 pm
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