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जाने क्यों राम मंदिर में गर्भगृह के द्वार का हुआ पूजन

मंदिर निर्माण कार्य कर रहे एलएंडटी के द्वारा गृभगृह के दहलीज का कराया गया पूजा, ट्रस्टी चम्पतराय भी हुए शामिल

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गर्भगृह के दहलीज का हुआ पूजन

गर्भगृह के दहलीज का हुआ पूजन

राम मंदिर के भूतल पर गर्भगृह का निर्माण अंतिम चरण में है। आज गर्भगृह के मुख्य द्वारा पर मकराना पत्थर के चौखट लगाए जाने के पहले राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय देहरी यानी चौखट का पूजन किया गया।

मंदिर के इस दहलीज माथा टेकेंगे भक्त

कहा जाता है कि गर्भगृह में भगवान के दर्शन के लिए भक्त इस चौखट पर अपना माथा टेकते हैं। जिसे मन्दिरों में देहरी गर्भगृह की दहलीज मानी जाती है।

अंतिम चरण में गर्भगृह निर्माण का काम

राम मंदिर में भगवान रामलला की विराजमान कराए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर के गर्भगृह का निर्माण अंतिम चरण में किया जा रहा है।

युद्ध स्तर पर हो रहा मंदिर निर्माण

दिसंबर 2023 तक भूतल का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए एल एन्ड टी के वर्कर दिन रात युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं।

मंदिर निर्माण में 65 प्रतिशत कार्य पूरा

ट्रस्ट की माने तो मंदिर के भूतल निर्माण के लिए लगभग 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। तो वहीं दूसरी तरफ भगवान श्री राम लला की दिव्य मूर्ति बनाए जाने की तैयारी भी शुरू हो गई है।

डिजाइन तैयार कर रहे मूर्तिकार

नेपाल के गंडक नदी शालिग्राम की दो शिलाएं राम मंदिर कार्यशाला रामसेवक पुरम पहुंच गई है। और मूर्तिकार रामलला के मूर्ति की डिजाइन तैयार कर रहे हैं।

गर्भगृह के दहलीज का हुआ पूजन

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जानकारी देते हुए बताया कि आज राम मंदिर के गर्भगृह की देहरी यानी दरवाजे के नीचे का सबसे निचला हिस्से का पूजन किया गया।

मंदिर निर्माण कर रहे वर्करों ने रखी पूजा

मंदिर निर्माण में कार्य कर रहे वर्करों के द्वारा 2 दिन पहले ही समय निश्चित किया जा चुका था कि गर्भगृह में लगभग कार्य पूरा हो चुका है। जब देहरी पूजा हो जाएगा तभी आगे का कार्य होगा।