
UP Police
आजमगढ़. हापुड़ जिले में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 50 हजार का ईनामी बदमश मोहन पासी जहानागंज थाना क्षेत्र की डीहां गांव के पास वर्ष 2004 में हुए सामूहिक नरसंहार में सजाआफ्ता था। मोहन पासी 18 दिसंबर को पेशी के दौरान न्यायालय परिसर से फरार हो गया था। तभी से आजमगढ़ पुलिस को उसकी तलाश थी। मोहन पासी जैसे शातिर अपराधी के मारे जाने से पुलिस के साथ ही आम आदमी ने भी राहत की सांस ली है।
बता दें कि 24 अप्रैल 2004 को जहानागंज थाना क्षेत्र के ग्राम डीहां निवासी व प्रधान पप्पू सिंह सहित चार लोगों वैवाहिक कार्यक्रम से स्कार्पियों से लौट रहे थे। तभी मोहन पासी ने साथियों के साथ मिलकर बम से हमला किया था। बमबारी और गोलीबारी में राकेश सिंह उर्फ पप्पू व नीरज सिंह तथा बिट्टू सिंह के साथ ही गाजीपुर जनपद के सादात क्षेत्र निवासी निजी अंगरक्षक पिंटू सिंह की मौत हो गयी थी। फायरिंग के दौरान दिल्ली निवासी एक बदमाश भी मारा गया था जिसका नाम और पता आजतक स्पष्ट नहीं हो सका है। इस ममाले में मोहन पासी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। मोहन पासी पर कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज थे।
18 दिसंबर को उसे आजमगढ़ न्यायालय में पेशी के लिए लाया गया था। तभी वह पुलिसवालों को चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस तभी से उसी की तलाश में जुटी थी। उसके संभावित ठिकानों पर छापे भी मारे जा रहे थे। इसी बीच सोमवार की देर रात पता चला कि हापुड़ जिले में पुलिस और एसटीएफ ने उसे मार गिराया है। इससे पुलिस के साथ ही जिले के व्यवसायी वर्ग ने भी राहत की सांस ली है। कारण कि मोहन पासी की आजमगढ़ में ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी काफी दहशत थी। मोहन पासी जनपद के चर्चित श्यामबाबू पासी का मुख्य शूटर था। फरार होने के बाद यह अपराधी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।
Published on:
30 Jan 2018 01:43 pm
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