ऑपरेशन सिंदूर में तनाव को देखते हुए बॉर्डर पर युद्धाभ्यास के लिए जा रहे आजमगढ़ निवासी प्रेमशंकर यादव सड़क दुर्घटना में बुरी तरह से घायल हो गए। उनका इलाज कोलकाता में चल रहा था।रविवार को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ आजमगढ़ में किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर में तनाव को देखते हुए बॉर्डर पर युद्धाभ्यास के लिए जा रहे आजमगढ़ निवासी प्रेमशंकर यादव सड़क दुर्घटना में बुरी तरह से घायल हो गए। उनका इलाज कोलकाता में चल रहा था।रविवार को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ आजमगढ़ में किया गया।
आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थानाक्षेत्र के संग्रामपुर गांव के रहने वाले नायक सूबेदार प्रेमशंकर यादव 40 वर्ष पुत्र दल सिंगार यादव का पार्थिव शरीर
सोमवार की शाम पैतृक गांव दीदारगंज थाना क्षेत्र के संग्रामपुर पहुंचा। अपने मिट्टी के लाल के अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ गया। तिरंगे व फूलो से सजे सेना के वाहन में रखे ताबूत व उस पर अर्पित पुष्प चक्र को देखते ही लोगो की आंखो से आंसू छलक पड़े।
नम आंखों से लोग वंदे मातरम् भारत माता की जय, वीर प्रेमशंकर यादव अमर रहे के नारे लगाने लगे और सलामी दी। बेटे का शव देखते पिता दलसिंगार यादव, भाई गिरजा शंकर, जयशंकर यादव एवं विजय शंकर यादव व पत्नी तथा दोनों बच्चों सहित परिवार के लोग अपने लाडले के शव से लिपट कर दहाड़े मार कर रोने लगे।
इस दौरान अपने मिट्टी के लाल भारत मां के वीर सपूत के अंतिम दर्शन व श्रद्धांजलि के लिए जन सैलाब उमड़ा रहा। अग्निवीर देश के लाल प्रेमशंकर यादव का शव एम्बुलेंस से दीदारगंज क्षेत्र के करूई मोड़ के पास पहुंचा। जहां से सेना के जवानों ने शव को तिरंगे व फूलो से सजी सेना की गाड़ी में रखकर पैतृक गांव तक अंतिम यात्रा निकाली।