
विधायक रमाकांत यादव
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. वर्ष 1998 में लोकसभा चुनाव के दौरान फायरिंग तथा वर्ष 2016 में सड़क जाम कर प्रदर्शन के मुकदमें में सपा के बाहुबली विधायक रमाकांत यादव सोमवार को एसीजेएम कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे। एसीजेएम की अनुपस्थिति में रमाकांता यादव उनके लिंक अफसर एफटीसी सीनियर डिवीजन के यहां हाजिर हुए। कोर्ट ने रमाकांत यादव को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इस मामले में अभी बसपा के पूर्व सांसद अकबर अहमद डंपी फरार चल रहे हैं।
बता दें कि वर्ष 1998 के चुनाव में सपा के टिकट पर रमाकांत यादव चुनाव मैदान में उतरे थे। उस समय बसपा ने अकबर अहमद डंपी को मैदान में उतारा था। चुनाव के दौरान दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ था। 17 दिसबंर 1998 को रमाकांत यादव और पूर्व सांसद अकबर अहमद डंपी का काफिला आमने सामने हो गया था। उस समय दोनों पक्षों ने फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के अंबारी चौक पर जमकर हवाई फायरिंग की थी। इस मामले में रमाकांत यादव, उनके भाई उमाकांत यादव अकबर अहमद डंपी, झिनकू सिंह सहित 79 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में सभी 79 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगी है।
इस मामले में रमाकांत यादव के अलावा अकबर अहमद डंपी के खिलाफ भी कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था लेकिन दोनों में से कोई भ्ी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। वहीं दूसरा मामला 3 फरवरी वर्ष 2017 का है। उस समय रमाकांत यादव बीजेपी में थे। वाहन की चेकिंग में स्कॉर्पियो में भाजपा समर्थक से 2,12,000 रुपये बरामद हुए थे। इसे लेकर रमाकांत यादव उनके भांजे रंगेश यादव समेत सैकड़ों लोगों ने फूलपुर कोतवाली के अंबारी चौक पर सड़क जाम किया था। इस मामले में पुलिस ने पांच के खिलाफ चार्जशीट दखिल किया था। इस मामले में भी कोर्ट से वारंट जारी किया गया था। रमाकांत यादव दोनों ही मामले में सरेंडर करने के लिए सोमवार को कोर्ट पहुंचे थे। कोर्ट ने रमाकांत यादव को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
Published on:
25 Jul 2022 04:44 pm

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