
भीम आर्मी के प्रदेश प्रवक्ता एहसान खान
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. खुद को दलितों का मसीहा साबित करने में जुटे भीम आर्मी के प्रदेश प्रवक्ता एहसान खान के चेहरे से नकाब हट गया है। एहसान खान दलितों को न्याय दिलाने के नाम पर मोटी रकम लेता था और बाहर से आदमी बुलाकर माहौल बनाता था। रानीपुर रजमों में धरना समाप्त करने के नाम पर एहसान ने 20 लाख रुपये की डिमांड कर डाली लेकिन उसने जिससे रुपया मांगा उसी ने आडियो वायरल कर दी। पुलिस ने एहसान खान और उसके साथी अधिवक्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एहसान के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज जलाने, पुलिस चौकी फूूंकने सहित 22 मामले दर्ज है।
मूलरूप से सरायमीर थाना क्षेत्र के छित्तेपुर गांव निवासी एहसान खान ने कांग्रेस से राजनीति की शुरूआत की थी। कांग्रेस ने उसे लोकसभा चुनाव भी लड़ाया था। बाद में वह समाजवादी पार्टी में चला गया। कुछ दिन बाद ही उसने सपा से भी बगावत कर दी। वर्तमान में वह भीम आर्मी का प्रदेश प्रवक्ता है। एहसान का विवादों से गहरा नाता है। उसके खिलाफ दलित महिला के साथ छेड़खानी, उसकी भूमि कब्जा करने, देश द्रोह, राष्ट्रीय ध्वज जलाने से लेकर कई गंभीर मामले दर्ज है।
पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह के मुताबिक वर्ष 2020 में दलित प्रधान सत्यमेंव जयते की हत्या के बाद एहसान ने भीड़ को भड़काकर पुलिस चौकी फुंकवाया था। यहीं नहीं रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में उसने पैसा लेकर पुलिस के खिलाफ आंदोलन कराया। इसके बाद अहरौला थाना क्षेत्र के निजामपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सरिया चोरी के मामले में प्रधानपति की गिरफ्तारी के बाद इसने धन उगाही के लिए बाहरी लोगों को लाकर कोविड-19 प्रोटोकाल की झज्जी उड़ाई। अब रानीपुर रजमों में पैसे के लिए लोगों को भड़का रहा था।
एसपी की मानें तो एहसान का यह पेशा बन चुका है। वह दलित आंदोलन के नाम पर लोगों से उगाही करता है। रानीपुर रजमों में धरना प्रदर्शन समाप्त करने के लिए वह 20 लाख रुपये की डिमांड कर रहा था। साथ ही वाहन की भी डिमांड की है। एहसान के बातचीत की वीडियो वायरल होने के बाद सारी सच्चाई सामने आ चुकी है। आरोपी एहसान खान व उसके अधिवक्ता साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि एहसान के खिलाफ विभिन्न थानों में देशद्रोह सहित 22 मामले पंजीकृत हैं।
Published on:
25 Aug 2021 03:20 pm
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