
पूर्व मंत्री अंगद यादव का मकान कुर्क करती पुलिस
राजनारायण सिंह हत्याकांड में जेल में बंद बीजेपी के बाहुबली नेता पूर्व मंत्री अंगद यादव पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। प्रशासन ने अंगद यादव की 40 लाख से अधिक की संपत्ति कुर्क कर ली है। अंगद यादव की मुश्किलें अभी और बढ़ सकती हैं। कारण कि पुलिस की नजर उनकी अन्य अवैध संपत्तियों पर है।
कौन हैं अंगद यादव
कभी अंगद यादव की गिनती बसपा के कद्दावर नेताओं में होती थी। मायावती ने अंगद यादव को सरकार में मंत्री भी बनाया था। अंगद की छवि हमेशा से दबंगों वाली रही है। वर्ष 2014 के चुनाव के पहले अंगद यादव बीजेपी में शामिल हुए थे। अंगद अपनी पत्नी बिमला को बीजेपी के टिकट पर चुनाव भी लड़ाए लेकिन वह चुनाव हार गई। वर्ष 2022 के चुनाव में बीजेपी ने उनके भतीजे मनोज यादव को मैदान में उतारा था लेकिन मनोज भी चुनाव हार गए।
राजनारायण सिंह हत्याकांड में जेल में बंद है अंगद यादव
वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता राजनारायण सिंह की 19 दिसंबर 2015 को पल्हनी में गोली मारकर हत्या की गई थी। इस हमले से राजनारायण सिंह पत्नी सुधा सिंह ने पूर्व मंत्री अंगद यादव और बरदह थाना क्षेत्र के सम्मोपुर ग्राम निवासी सुनील सिंह सहित कुछ अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी मामले में अंगद यादव जेल में बंद हैं।
सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है जामानत
हत्या के मामले में अंगद यादव सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत का प्रयास कर चुके है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज कर दी है। ऐसे में आगे भी उन्हें जेल में ही रहना पड़ सकता है।
गैंगस्टर के तहत कुर्क की गई संपत्ति
अंगद यादव पुत्र रामबदन यादव पर पुलिस ने गैंगस्टर लगाया है। अंगद यादव के खिलाफ 2000 से 2015 तक तीन गंभीर आपराधिक मुकदमें पंजीकृत है। इसमें हत्या, हत्या का प्रयास, आपराधिक षडयंत्र जैसे गम्भीर मामले हैं।
अंगद यादव ने अपनी पत्नी विमला के नाम पुस्तैनी जमीन पर भवन का निर्माण कराया था और स्वयं के नाम से बाइक खरीदी थी। दोनों संपत्तियों का सर्किल रेट 33,56,326 और वर्तमान मार्केट मूल्य लगभग 40 लाख है। इन्हीं संपत्तियों को शुक्रवार को कुर्क किया गया।
क्या कहते हैं पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य
पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य का कहना है कि धारा 14(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम-1986 के तहत अंगद के खिलाफ कार्रवाई हुई है। 31 दिसंबर को डीएम विशाल भारद्वाज ने कुर्की का आदेश दिया था। शुक्रवार को इंस्पेक्टर नन्द कुमार तिवारी द्वारा नायब तहसीलदार सदर नीरज कुमार तिवारी की उपस्थित में उक्त सम्पति को कुर्क किया गया। अपराधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलता रहेगा।
Published on:
07 Jan 2023 05:15 pm
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