
आजमगढ़: महाराजा सुहेलदेव की जयंती पर आजमगढ़ में उत्तर प्रदेश सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों ने रैली का आयोजन किया। हालांकि, दोनों ने इसके लिए अलग-अलग स्थान चुना। एक तरफ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने अतरौलिया में महारैली की, तो दूसरी तरफ कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने माहुल में रैली का आयोजन किया।
महाराजा सुहेलदेव की जयंती को लेकर आजमगढ़ में दो स्थानों पर रैली का आयोजन हुआ। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने मंच से 200 ब्राह्मण के साथ शंखनाद किया। वहीं, अनिल राजभर ने रैली के माध्यम से पूर्वांचल में अपनी पैठ दिखाने की कोशिश की।
ओमप्रकाश राजभर की महारैली पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि हमने उनसे कहा था कि वह अपनी रैली एक-दो दिन आगे पीछे कर लें, लेकिन फिर भी उन्होंने इस दिन को चुना। वह एनडीए सरकार में हमारे सहयोगी हैं। यह उनका और उनकी पार्टी का फैसला था। फिलहाल एनडीए में किसी तरह का मतभेद नहीं है। अनिल राजभर ने कहा कि एनडीए के सभी लोग एकजुट हैं।
अनिल राजभर ने रैली के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि एनडीए के घटक दल एक साथ काम करते हैं और हम सभी लोग एक साथ मिलकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मैं पूर्ण विश्वास के साथ आप सबको अस्वस्थ करना चाहता हूं कि आजमगढ़ की धरती पर 2027 के चुनाव में कमल खिलेगा।
दरअसल, पूर्वांचल में राजभर एक बड़ा वोट बैंक है और दोनों ही कैबिनेट मंत्री पूर्वांचल से आते हैं। इसके साथ ही दोनों में वोट बैंक को लेकर वर्चस्व की लड़ाई है और आंकड़ा भी 36 का है। हाल ही में वाराणसी में अनिल राजभर ने उनके कार्यक्रम में घुसे ओमप्रकाश राजभर के कार्यकर्ताओं को चोर कहा था। वहीं, ओमप्रकाश राजभर नें अनिल राजभर को चुनौती देते हुए कहा था कि उन्होंने अगर मां का दूध पिया हो तो बताएं कि वोट किस दुकान में बिकता है।
Published on:
22 Feb 2026 07:07 pm
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