
धनंजय सिंह व रमाकांत यादव
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. UP Assembly Election 2022: यूपी विधानसभा चुनाव में चंद महीनें शेष हैं। राजनीतिक दल सत्ता हासिल करने के लिए दाव पेच चल रहे है। सपा सुभासपा से गठबंधन के बाद पूर्वांचल फतह करने की कोशिश में जुटी है तो भाजपा को संजय निषाद पर पूरा भरोसा है। सपा-सुभासपा में सीट बटवारा भले ही न हुआ हो लेकिन बीजेपी संजय निषाद को पांच सीट देने का फैसला कर चुकी है। जिसमें आजमगढ़ की अतरौलिया और जौनपुर की मल्हनी सीट शामिल है। मल्हनी सीट पर बीजेपी गठबंधन से बाहुबली धनंजय सिंह का लड़ना लगभग तय है वहीं अब सपा अपनी इस सीट को बचाने के लिए बाहुबली रमाकांत यादव पर दाव लगाने का मूड बना रही है। ऐसे में चुनाव दिलचस्प होता दिख रहा है। कारण कि जो भी बाहुबली चुनाव हारेगा उनके राजनीतिक कैरियर पर इसका गहरा असर पड़ेगा।
गौर करें तो यूपी की सत्ता हासिल करने में पूर्वांचल की 123 सीटें हमेंशा से निर्णायक साबित हुई हैं। पिछले दो लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पूर्वांचल में बड़ी जीत हासिल की है। बीजेपी एक बार फिर अपने गढ़ को बचाने की कोशिश में जुटी है। वहीं पिछले चुनाव में बीजेपी की सहयोगी रही सुभासपा को अपने साथ जोड़कर सपा अपने खोये हुए वर्चश्व को दोबारा प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रही है। यूडीए, एआईएमआईएम, बसपा और कांग्रेस अपने स्तर पर चुनाव तैयारियों में जुटी है। बीजेपी लगातार बाहुबलियों से दूरी बनाए हुए है। वहीं सपा ने बाहुबली मुख्तार अंसारी के परिवार के जरिए कम से कम मऊ और गाजीपुर जीतने की कोशिश में है।
बीजेपी और सपा लगातार एक दूसरे के खिलाफ नए दाव का इस्तेमाल कर रही है। सपा सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के जरिये बीजेपी को पिछड़ों की दुश्मन साबित करने में जुटी है तो बीजेपी संजय निषाद के जरिये अति पिछड़ों को साधने का प्रयास कर रही है। अब तक सपा और सुभासपा में सीट बटवारे को लेकर फैसला नहीं हुआ है लेकिन बीजेपी ने संजय निषाद को पूर्वांचल में पांच सीट दे दिया है। बीजेपी भले ही बाहुबलियों से दूर हो लेकिन संजय निषाद के जरिये इन्हें साधने की कोशिश भी कर रही है। संजय निषाद ने अतरौलिया सीट से बाहुबली अखंड की पत्नी वंदना सिंह को चुनाव लड़नेे की हरी झंडी दे दी है। वंदना सिंह पूरी ताकत से मैदान में उतर गईं हैं।
अब जो सबसे दिलचस्प खेल दिख रहा है वह जौनपुर जिले के मल्हनी सीट पर। इस सीट पर हमेंशा से सपा का वर्चश्व रहा है। पिछले दिनों हुए उपचुनाव में भी मल्हनी सीट सपा के खाते में गई थी। यह अलग बात है कि उसे बाहुबली धनंजय सिंह से कड़ी टक्कर मिली थी। इस बार संजय निषाद की पार्टी निषाद पार्टी धनंजय को मैदान में उतारने का मन बना रही है। साफ है कि गठबंधन होने के कारण बीजेपी का सपोर्ट भी धनंजय को होगा। ऐसे में किले को बचाने के लिए समाजवादी पार्टी अब यहां से बाहुबली रमाकांत यादव को मैदान में उतारने का मन बना रही है। कारण कि उपचुनाव में सपा के लकी यादव को 73384 मत मिले थे जबकि बाहुबली धनंजय ने 68780 वोट हासिल किया था। हार जीत का अंतर मात्र 4604 मतों का था। जबकि बीजेपी के जेपी दुबे को 25,126 मत मिले थे।
ऐसे में चुनाव दिलचस्प होने की संभावना है। यह चुनाव जो भी हारेगा उसका कैरियर खतरे में होगा। खासतौर पर रमाकांत यादव का। कारण कि कांग्रेस ने पिछला लोकसभा चुनाव रमाकांत यादव को भदोही से लड़ाया था। रमाकांत यादव को मात्र 26 हजार वोट मिले थे और उनकी जमानत जब्त हो गयी थी। ऐसे में एक और हार उनके राजनीतिक कैरियर को समाप्त कर सकती है। वहीं धनंजय सिंह अजीत हत्याकांड सहित कई गंभीर आरोपों से घिरे हैं। पिछला चुनाव मामूली अंतर से ही सही लेकिन वे हार चुके है। अगर यह चुनाव हारते हैं तो अपने ही गढ़ में उनकी भी साख पर असर पड़ना तय है।
Published on:
27 Dec 2021 11:52 am
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