गोरखपुर जिले में एक व्यक्ति की दो पत्नियां थाने में पुलिस के सामने ही पति के साथ रहने के लिए भिड़ गई। मामला बढ़ा तो पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया। बाद में सुुलह-समझौते का दौर चला और पुलिस ने एक पत्नी को दस दिन के अंदर दिल्ली जाने का फरमान जारी कर दिया और मामला न्यायालय में निस्तारित कराने को कहा।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. गोरखपुर जिले के सहजनवा में एक व्यक्ति की दोनों पत्नियां पति के साथ रहने की जिद पर अड़ गई। इसे लेकर थाने में घंटों हंगामा हुआ। मामला बढ़ा तो पुलिस ने पति को हवालात में डाल दिया। इसके बाद पंचायत का दौरा शुरू हुआ तो घंटों तक चलता रहा। अंत में पुलिस ने फैसला किया कि एक पत्नी दस दिन बाद दिल्ली चली जाएगी। दूसरी पत्नी घर पर रहेगी। पुलिस ने समस्या के स्थाई निवारण के लिए विवाद करने के बजाय न्यायालय में जाने का सुझाव दिया।
गोरखुपर जिले के सहजनवां थाना क्षेत्र के मकरहट निवासी एक युवक दिल्ली में मजदूरी करता है। 2010 में बिहार प्रदेश के सिवान जिले की रहनी वाली महिला से उसने हिन्दू रीति रिवाज से शादी कर लिया। उससे सात वर्ष का एक बेटा तथा चार वर्ष की एक बेटी है। इसी दौरान दिल्ली में रहने वाली आजमगढ़ जनपद की एक विवाहित महिला से उसे प्रेम हो गया। उस महिला की दो बेटी व एक बेटा है। छठ पर्व में पहली पत्नी बच्चों को साथ में लेकर सिवान अपने मायके गई थी। पति को मौका मिला तो वह अपनी दूसरी पत्नी को घर ले आया। जब इसकी जानकारी पहली पत्नी को हुई तो वह ससुराल वापस लौट आई।
दोनों पत्नी आमने सामने हुई तो उनमें विवाद शुरू हो गया और पहली पत्नी जबरदस्ती दूसरी पत्नी को घर से निकालने लगी। विवाद के दौरान पति दूसरी पत्नी के पक्ष में खड़ा हो गया। इसके बाद बात और बिगड़ गई। दोनों ही पति के साथ रहने की जिद पर अड़ गई। इसके बाद पहली पत्नी के भाई ने थाने में शिकायत कर दी। सोमवार को दोनों पत्नियां थाने पहुंचीं और पति के साथ रहने के लिए थाने में ही भिड़ गईं। इसके बाद पुलिस ने पति को हिरासत में लेकर हवालात में डाल दिया। इसके बाद घंटों पंचायत चली। पुलिस ने किसी तरह दोनों में समझौता कराया और कहा कि दूसरी पत्नी 10 दिन बाद दिल्ली चली जाएगी। थानाध्यक्ष नितिन रधुनाथ श्रीवास्तव ने कहा कि दोनों पत्नियों ने समझौता कर लिया है। विवाद का निस्तारण न्यायालय से कराने का निर्देश दिया गया है।