
प्रतीकात्मक फोटो
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. अब परिषदीय स्कूल में बच्चों को मानक के अनुरूप पौष्टिकता से भरपूर सब्जी मिलेगी। कारण कि अब सब्जी बाजार से नहीं खरीदी जाएगी बल्कि स्कूल में ही सब्जी का उत्पादन होगा। इसके लिए हर परिषदीय विद्यालय में किचेन गार्डेन बनाया जाएगा। इस संबंध में निर्देश जारी करने के लिए ही शासन ने प्रति विद्यालय 05-05 हजार का बजट जारी कर दिया है।
बता दें कि जिले में 2702 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 528 कम्पोजिट विद्यालय, 1720 प्राथमिक विद्यालय तथा 454 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें 04 लाख 25 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को प्रतिदिन भोजन दिया जाता है। बच्चों को दिये जाने वाले भोजन में पोष्टिकता के आभाव और मानक की अनदेखी की शिकायत अक्सर होती है। कई बार मिड-डे-मील भोजना का विरोध भी हो चुका है।
इसे देखते हुए सरकार ने परिषदीय स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक सब्जियां देने के लिए अब किचन गार्डेन बनाने का फैसला किया है। कृषि विभाग की निगरानी में गार्डेन को बनाया जाएगा। बेसिक शिक्षा निदेशक ने किचन गार्डेन बनाने के लिए बीएसए को आदेश जारी कर दिए हैं। स्कूलों में मुख्य रूप से हरी सब्जियां उगाई जाएंगी और बच्चों को मिड-डे-मील में इन्हीं सब्जियों को खिलाया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि किचेन गार्डेन में तैयार सब्जियां पौष्टिकता से भरपूर होंगी। इससे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने में मदद मिलेगी। इसके लिए कुछ विद्यालयों को 5-5 हजार रुपये का बजट जारी हो चुका है। अब अन्य स्कूलों में भी किचन गार्डेन बनाने की तैयारी चल रही है।
कृषि विभाग व उद्यान विभाग की निगरानी में किचन गार्डेन बनाए जाएंगे। विभाग के अनुसार स्कूलों में जो खाली जगह हैं उनमें एक तरफ किचन गार्डेन स्थापित किए जाएंगे, इनमें हरी सब्जियों को उगाया जाएगा। जल्द ही बचे हुए विद्यालयों के लिए भी बजट जारी कर दिया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि किचेन गार्डेन एक अच्छी पहल है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
Published on:
09 Sept 2021 10:20 am
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