
लेखपालों का विरोध हुआ तेज, कहा- योगी सरकार की कार्रवाई ने बढ़ाया हौसला, लड़ाई का अाह्वान
आजमगढ़. विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत लेखपालों के खिलाफ सरकार द्वारा की गयी कार्रवाई के बाद उनका गुस्सा और बढ़ गया है। लेखपालों ने सरकार से मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की है। रिक्शा स्टैंड पर धरना दे रहे लेखपालों ने दावा किया कि सरकार की कार्रवाई ने उनके हौसले को और बढ़ाया है। उनका आंदोलन तबतक जारी रहेगा जबतक सरकार मांग पूरी नहीं कर देती।
जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह पालीवाल ने कहा कि आजमगढ़ में भी लेखपालों कों निलम्बन की नोटिस दी जा रही है लेकिन कार्यवाहियों को देखकर लेखपालो का हौसला और बढ़ गया है, मांग पूरी होने तक यह धरना अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने भाजपा जनप्रतिनिधियों व संगठन के पदाधिकरियो से मांग किया कि वे सरकार को पत्र लिखकर मांगों को पूरा कराने का प्रयास करें। क्योंकि सरकार की हठवादिता के कारण छात्रों, किसानों का काफी नुकसान हो रहा है, तहसील प्रशासन पंगु हो चुकी है।
पंकज अस्थाना ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लेखपाल आज 2800 ग्रेड-पे की मांग कर रहा है जबकि पड़ोसी प्रांतों हिमांचल प्रदेश व पंजाब में लेखपाल पहले से ही 3200 ग्रेड-पे प्राप्त कर रहा है। वहीं हमें वर्तमान में महज 2000 महज ग्रेड पे मिल रहा हैं। इन प्रदेशों का लेखपाल पूर्व से ही लैपटाप, स्मार्टफोन, सीयूजी नम्बर पाकर केंद्र सरकार के डिजीटल इंडिया को बढ़ावा दे रहा है परंतु प्रदेश के लेखपाल इसके लिए आज धरने पर बैठने को मजबूर है।
रामबुझ यादव ने कहा कि लेखपालों को निलम्बित कर व बर्खास्त कर हमारी जायज मांगों के आंदोलन को कुचला जा रहा है लेकिन लेखपाल संवर्ग फांसी पर चढ़ने के लिए तैयार है लेकिन अपने हक व अधिकार से कतई समझौता नहीं करेगा। यदि आठ सूत्री मांगां के संबंध में सरकार राजस्व परिषद की सिफारिशों को मान लेती तो आज यह नौबत नहीं आती। इसका परिणाम सरकार को आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
इस अवसर पर उमेश नरायण मौर्य, आशा, कृष्ण कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
Published on:
16 Jul 2018 07:50 pm
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