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डॉ. भीमराव अंबेडकर को साक्षी मानकर प्रेमी युगल ने रचायी शादी

पहले घरवाले दोनों के प्यार को नहीं कर रहे थे स्वीकार।

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Love Marriage

लव मैरिज

आजमगढ़. रिश्तेदारी में आते-जाते युवा जोड़े की आंखें चार हुई और दोनों एक दूसरे से प्यार कर बैठे। इस बात की जानकारी होने पर दोनों के परिजन प्रेमी युगल की जिद पर उनकी शादी के लिए रजामंद हुए। सोमवार को न्यायालय में शादी का पंजीकरण कराने के बाद प्रेमी युगल परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट भवन के सामने स्थित डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को साक्षी मान एक-दूसरे के गले में वरमाला डाल सदा -सदा के लिए एक हो गए।

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मुबारकपुर क्षेत्र के काशीपुर ग्राम निवासी जितेंद्र राम (25 वर्ष) के माता-पिता का देहांत हो चुका है। जितेंद्र की रिश्तेदारी गाजीपुर जिले के जंगीपुर थाना अंतर्गत खालिसपुर गांव में है। जितेन्द्र का वहां आना जाना लगा रहता है। इसी आने जाने में जितेन्द्र की नजर 18 साल की सुजीता पुत्री स्व. बालेश्वर राम पर पड़ी। दोनों की नजरें मिलीं और उनके दिल में एक दूसरे के प्रति आकर्षण जागा। यही आकर्षण आगे चलकर प्यार में बदल गया।

दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे और जीने मरने की कसमें भी खायीं। इस बात की जानकारी जब उनके परिजनों को हुई तो उनके प्यार का विरोध शुरू हो गया। पर घरवालों के विरोध के आगे दोनों प्रेमी युगल नहीं झुके और अपनी जिद के आगे झुकने को सभी को मजबूर कर दिया। आखिरकार परिजनों को दोनों के प्यार को स्वीकार करना पड़ा और मजबूरन उन्होंने शादी के लिये रजामंदी भी दे दी। परिजनों की रजामंदी के बाद सोमवार को दोनों पक्ष न्यायालय पहुंचा।

कोर्ट मैरिज के बाद दोनों परिवार के लोग कलेक्ट्रेट भवन के सामने स्थित मेहता पार्क में स्थापित डा.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचे। प्रतिमा को साक्षी मान जितेंद्र व सुजीता ने एक दूसरे के गले में वरमाला डाली और लोगों से आशीष लेकर हंसी-खुशी नया जीवन बिताने के लिए घर को रवाना हो गए।

By Ran vijay Singh